पद से हटाया गया बुलंदशहर हिंसा का आरोपी, किरकिरी के बाद संस्था ने लिया यूटर्न

जुबली न्यूज़ डेस्क
बुलंदशहर हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के हत्यारोपी शिखर अग्रवाल को प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान का जिला महामंत्री के पद से हटा दिया गया है। बता दें संस्था द्वारा शिखर अग्रवाल को पद दिए जाने को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक वीडियो ट्वीट कर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा था। उन्होंने लिखा कि ” यूपी पुलिस में अपनी सेवाएं देते हुए शहीद हुए श्री सुबोध सिंह जी की पत्नी का बयान सुनिए। खबरों के अनुसार उनकी हत्या के आरोपी को आज भाजपा ने अपना पदाधिकारी बना दिया। उनकी पत्नी का सवाल एकदम जायज है। इस तरह से अपराधियों का मनोबल और बढ़ेगा”।

यूपी पुलिस में अपनी सेवाएं देते हुए शहीद हुए श्री सुबोध सिंह जी की पत्नी का बयान सुनिए। खबरों के अनुसार उनकी हत्या के आरोपी को आज भाजपा ने अपना पदाधिकारी बना दिया।
उनकी पत्नी का सवाल एकदम जायज है। इस तरह से अपराधियों का मनोबल और बढ़ेगा। pic.twitter.com/ufnqNBRhUJ
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 18, 2020

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी ट्वीट करते हुये लिखा कि हत्या के मुख्य आरोपी को भाजपा द्वारा पार्टी में पद देना अपराधियों को सत्ता का संरक्षण देना है। यही नहीं उन्होंने आगे लिखा कि ऐसे तो पुलिस अधिकारियों का मनोबल गिरेगा।

बुलंदशहर में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी को भाजपा द्वारा अपने संगठन में ‘PM जनकल्याण योजना अभियान’ का महामंत्री बनाना, आरोपियों को सत्ता का संरक्षण देना है.
यदि ऐसे अपराधी को इस तरह का सम्मान मिलेगा तो यक़ीनन इससे हमारे पुलिस अधिकारियों का मनोबल गिरेगा. pic.twitter.com/2TePaMNzGL
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 19, 2020

बता दें कि शिखर अग्रवाल बुलंदशहर हिंसा मामले में पिछले साल गिरफ़्तार हुआ था और इस समय ज़मानत पर बाहर है। हत्यारोपी शिखर अग्रवाल को सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए पदाधिकारी बनाया गया था।
इसकी जानकारी होते ही सियासत भी तेज हो गई। जिसके बाद प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान के जिलाध्यक्ष प्रियतम कुमार ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा कि इस बाबत जानकारी होते ही शिखर अग्रवाल को तत्काल उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। बीजेपी ने ये भी साफ किया है कि इस संस्था से उनका कोई संबंध नहीं है।
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