पढ़ाई से भागने वाले बच्चे भी अब खुद मांगेंगे किताबें, बस पेरेंट्स अपनाएं ये स्मार्ट ट्रिक्स

क्या आपका भी बच्चा पढ़ाई से भागता है? किताबों को देखते ही शिकायत करने लगता है या होमवर्क करने से कतराता है? कई माता-पिता इस बात से परेशान रहते हैं कि आखिर क्यों उनका बच्चा पढ़ाई में मन नहीं लगाता है।

हालांकि, यह आम बात है और इसे सही तरीके से संभाला जाए तो बच्चे में पढ़ाई का मोटिवेशन बढ़ाया जा सकता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे असरदार तरीके, जिनकी मदद से आपका बच्चा खुद से पढ़ाई में इंटरेस्ट लेने लगेगा।

पढ़ाई को बनाएं मजेदार
कई बच्चे पढ़ाई को बोझ समझते है। इसलिए इसे खेल या मजेदार एक्टिविटी की तरह पढ़ाएं, जैसे मैथ के सवालों को गेम की तरह पूछें, शब्दों के खेल बनाएं या साइंस के प्रैक्टिकल घर पर दिखाएं। जब बच्चे को सीखने में मजा आएगा, वह खुद से किताबों की ओर अट्रैक्ट होगा।

डेली रूटीन बनाएं
बच्चे में पढ़ाई की आदत बनाने का सबसे आसान तरीका है रूटीन बनाना। रोजाना एक ही समय पर पढ़ाई करने से बच्चा मेंटली प्रिपेयर रहता है, जैसे स्कूल से आने के बाद थोड़ा नाश्ता और फिर 30-40 मिनट की पढ़ाई। धीरे-धीरे यह आदत बन जाएगी और पढ़ाई बोझ नहीं लगेगी। साथ ही, हर बच्चा हर सब्जेक्ट में अच्छा हो, ये जरूरी नहीं। इसलिए बच्चे की रुचि और ताकत को भी समझें।

छोटे-छोटे टारगेट बनाएं
कभी-कभी बच्चे पढ़ाई से इसलिए भागते हैं, क्योंकि उन्हें लंबे और मुश्किल काम भारी लगते हैं। ऐसे में छोटे-छोटे टारगेट सेट कर लें, जैसे “आज हम 10 सवाल सॉल्व करेंगे” या “इस कहानी को पढ़कर 5 सवाल करेंगे।” छोटे टारगेट को पूरा करके बच्चे काफी खुश हो जाते हैं और उसका कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है।

ध्यान भटकाने वाली चीजों से बनाएं दूरी
आज के बच्चों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम्स। पढ़ाई के समय इन चीजों को दूर रखें। अगर आप उसे शांत और साफ जगह पर पढ़ाते हैं, तो इससे उसका फोक्स बना रहेगा। साथ ही, सही बैठने की व्यवस्था भी पढ़ाई को आसान बनाती है।

तारीफ करें
नेगेटिव रिएक्शन या डांट बच्चों को पढ़ाई से दूर करती है। इसलिए हर छोटी कोशिश के बाद तारीफ करें, जैसे “तुमने आज 5 सवाल सही सॉल्व किए, बहुत अच्छा” इससे बच्चे को मोटिवेशन मिलता है और वह आगे बढ़ने की पूरी कोशिश करता है। पढ़ाई अच्छी करने पर या टेस्ट में अच्छे नंबर आने पर आप कभी-कभी उसे गिफ्ट भी दे सकते हैं।

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