पड़ोसी देश की जमीन ने उगला सोना, हाथ लगा ‘कुबेर का खजाना’

भारत के पड़ोसी चीन को एक बार फिर से बड़ा खजाना हाथ लगा है। चाइनीज भूवैज्ञानिकों के मुताबिक हो सकता है कि उन्हें मध्य चीन के वांगू गोल्ड फील्ड के नीचे एक जबरदस्त अंडरग्राउंड खजाना मिला है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस भंडार में 1,000 मीट्रिक टन से अधिक सोना हो सकता है, जिसका संभावित मूल्य लगभग 85.9 अरब डॉलर है या भारतीय करेंसी में करीब 8.06 लाख करोड़ रुपये हो सकती है। हालांकि ये अभी शुरुआती अनुमान हैं।
क्या चीन के हाथ लग गया सुपरजायंट डिपॉजिट?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सोने के भंडार की ये खोज हुनान प्रांत में स्थित पिंगजियांग काउंटी में की गई। इसके विशाल आकार के कारण, वैज्ञानिक इसे पहले से ही ‘सुपरजायंट डिपॉजिट’ (अति-विशाल भंडार) बता रहे हैं, जो एक ऐसा शब्द जो आमतौर पर खनिजों की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण खोजों के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है।
पूरी जानकारी सामने आना बाकी
सोने का भंडार मिलने जो अनुमानित आंकड़े पेश किए जा रहे हैं, वैसे तो काफी प्रभावशाली हैं। लेकिन जानकार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इस खोज पर अभी भी अध्ययन चल रहा है। सोने का केवल एक हिस्सा ही ड्रिलिंग के जरिए फिजिकल फॉर्म में सामने आ पाया है।
बाकी अनुमान कंप्यूटर मॉडलों पर आधारित है, जो यह बताते हैं कि जमीन के और नीचे क्या हो सकता है। जैसे-जैसे और ज्यादा खोजबीन होगी, निकाले जा सकने वाले सोने की कुल मात्रा में बदलाव आ सकता है।
पहले भी चीन को मिला है गोल्ड रिजर्व
चीन ने पिछले साल भी 1,444 टन गोल्ड रिजर्व मिलने का एलान किया था। ये एलान नवंबर में किया गया था। उससे पहले साल 2024 में भी चीन ने तब 83 बिलियन डॉलर का गोल्ड डिपॉजिट मिलने की बात कही थी।
क्यों अहम है वांगू गोल्ड फील्ड?
वांगू गोल्ड फील्ड पिंगजियांग काउंटी की जंगली पहाड़ियों के नीचे स्थित है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसने लंबे समय से भूवैज्ञानिकों का ध्यान आकर्षित किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हुनान प्रांत के भूवैज्ञानिक ब्यूरो के शोधकर्ताओं ने हाल ही में जमीन से लगभग 2,000 मीटर नीचे सोने की 40 से अधिक शिराएं खोजी हैं।
इन शिराओं में अकेले ही, अनुमानित 300 मीट्रिक टन पुष्ट सोने का भंडार मौजूद है। यह आंकड़ा सीधे ड्रिलिंग और भूवैज्ञानिक सैंपलिंग से प्राप्त हुआ है, जो इसे अब तक की इस खोज का सबसे विश्वसनीय हिस्सा बनाता है।





