पंजाब इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च: सीएम मान बोले, रंगले पंजाब के लिए इंडस्ट्री जरूरी

सीएम भगवंत मान ने कहा कि उद्योग और कारोबार की वजह से हजारों परिवारों के चूल्हे जलते हैं और इस लिहाज से उद्यमी भी अन्नदाता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज सरकार उद्योगों को यह पॉलिसी दे रही है और जल्द ही महिलाओं के लिए भी बड़ा तोहफा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को लुधियाना में पंजाब की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च की। इस दौरान उन्होंने उद्योगपतियों के साथ बैठक कर सरकार की योजनाओं और उद्योगों को दिए जाने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी दी।
सीएम मान ने कहा कि पंजाब को रंगला बनाने के लिए इंडस्ट्री का विकास जरूरी है और पंजाब को नंबर वन बनाए बिना देश विश्व गुरु नहीं बन सकता। सीएम बोले कि इस नीति के जरिए इंडस्ट्री को सरकार ने रनवे मुहैया करा दिया है अब उड़ान भरने की बारी उद्योग जगत की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उद्योगपतियों से हिस्सा मांगने या “लाल थैली” लेने वाली नहीं है। सरकार की एक ही इच्छा है कि उद्योगों का कारोबार बढ़े और पंजाब के युवाओं को रोजगार मिले।
मान ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग और कारोबार की वजह से हजारों परिवारों के चूल्हे जलते हैं और इस लिहाज से उद्यमी भी अन्नदाता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज सरकार उद्योगों को यह पॉलिसी दे रही है और जल्द ही महिलाओं के लिए भी बड़ा तोहफा दिया जाएगा।
सीएम मान ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को अपना साझेदार मानती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई उद्योगपति तीन यूनिट लगाने की अनुमति मांगता है तो सरकार पांच यूनिट लगाने की अनुमति देने को भी तैयार है, बशर्ते कि वह पंजाब के युवाओं को रोजगार दे। उन्होंने बताया कि यह पॉलिसी उद्यमियों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है और इसमें करीब 78 प्रतिशत सुझावों को शामिल किया गया है।
इससे पहले उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह देश की सबसे बेहतर इंडस्ट्रियल पॉलिसी में से एक है। उन्होंने बताया कि इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में तैयार किया गया है।
अरोड़ा ने कहा कि पॉलिसी को तैयार करने के लिए 24 कमेटियां बनाई गई थीं, जिनमें विभागीय अधिकारियों, पंजाब डेवलपमेंट कमिशन और उद्योग प्रतिनिधियों की राय ली गई। पॉलिसी तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि कुल सुझावों में से 77 प्रतिशत को स्वीकार किया गया, जबकि एक प्रतिशत सुझाव केंद्र सरकार से संबंधित थे और शेष पर भी चर्चा की गई।
निवेश और रोजगार पर मिलेंगे विशेष प्रोत्साहन
नई पॉलिसी के तहत रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं।
25 करोड़ रुपये निवेश और 50 कर्मचारियों वाली इकाइयों को थ्रेसहोल्ड कैटेगरी में शामिल किया जाएगा।
पंजाब में पहली बार कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी।
जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।
उद्योगों के मॉर्डनाइजेशन और विस्तार पर भी सब्सिडी दी जाएगी।
इंसेंटिव पैकेज के लिए 15 साल का समय दिया जाएगा।
रोजगार देने पर प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रति माह का इंसेंटिव मिलेगा
आईटी सेक्टर के लिए यह इंसेंटिव 5000 रुपये प्रति कर्मचारी प्रति माह होगा।
नई पॉलिसी के तहत महिलाओं को रात में भी काम करने की अनुमति दी जाएगी, हालांकि इसके लिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना उद्योगों की जिम्मेदारी होगी।
सरकार ने सीमावर्ती जिलों में उद्योग लगाने को बढ़ावा देने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव देने की घोषणा की है।
सभी विभागों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया
सीएम मान ने कहा कि उद्योगों से जुड़े विभागों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर व्यवस्था को सरल बनाया गया है। बिजली, उद्योग और स्थानीय निकाय विभागों को आपस में जोड़ा गया है, जिससे उद्योगों के काम तेजी से होंगे।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास विकास का कोई विजन नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल मोटरसाइकिल टैक्स फ्री करने जैसे वादे करना कोई विजन नहीं है।
सीएम ने बताया कि उद्योगों का पंजाब की ओर रुझान बढ़ रहा है। टाटा स्टील 3200 करोड़ रुपये के निवेश से लुधियाना में 20 मार्च को अपना प्लांट शुरू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के साथ-साथ राज्य में स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट भी खोले जाएंगे, ताकि युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके। इसके अलावा हलवारा एयरपोर्ट से इसी माह के अंत तक उड़ाने शुरू कर दी जाएंगी।





