नोएडा के 6 कॉल सेंटर में इंश्योरेंस के नाम पर हो रही थी ठगी यूपी STF ने मारी रेड…

नोएडा.यूपी STF ने गुरुवार शाम को नोएडा के सेक्टर- 64 बी ब्लॉक और सेक्टर- 11 में 6 कॉल सेंटर पर रेड की। यहां से एसटीएफ ने 43 लोगों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि इन कॉल सेंटर्स से लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर ठगी का खेल चल रहा था। एसटीएफ हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। वहीं, मास्टर माइंड को जेल भेज दिया गया है।

सेना के अधिकारी ने दर्ज कराई थी FIR
– बता दें, गरुवार शाम को फर्जी इंश्योरेंस कंपनी के छह कॉल सेंटरों पर स्पेशल टास्क फोर्स ने छापेमारी कर जालसाजी का भंडाफोड़ किया है। सेक्टर 11 और 64 में इन कॉल सेंटरों से 43 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया गया है। इसमें मास्टर माइंड कपिल त्यागी समेत नौ आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
– जानकारी के मुताबिक ये कॉल सेंटर फर्जी इंश्योरेंस बेचने का काम कर रहे थे। सेना के अधिकारी ने इनके खिलाफ फतेहपुर में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद यूपी एसटीएफ ने ये कार्रवाई की है।
– जानकारी के मुताबिक ये कॉल सेंटर फर्जी इंश्योरेंस बेचने का काम कर रहे थे। सेना के अधिकारी ने इनके खिलाफ फतेहपुर में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद यूपी एसटीएफ ने ये कार्रवाई की है।
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रिजर्व बैंक के गवर्नर के मिले लेटर हेड
– इस छापेमारी में एसटीएफ के अधिकारी तब हैरत में पड़ गए जब रिजर्व बैंक के गवर्नर का लेटर हेड मिला।
– आरोप है कि इन कॉल सेंटर की तरफ से लोगों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के नकली लेटर हेड पर बीमा संबंधित ट्रांजैक्शन और सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे थे। इस तरह लोगों को भी शक नहीं होता था।
– आरोप है कि इन कॉल सेंटर की तरफ से लोगों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के नकली लेटर हेड पर बीमा संबंधित ट्रांजैक्शन और सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे थे। इस तरह लोगों को भी शक नहीं होता था।
12 करोड़ से अधिक के लेन-देन का पता लगा
– एसटीएफ एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि, ”छापेमारी के दौरान कंपनी के बैंक स्टेटमेंट्स के आधार पर 12 करोड़ से अधिक के लेनदेन का पता लगाया गया है। यह फर्जीवाड़ा कई महीने से किया जा रहा था।”
– ”इस जालसाजी का मुख्य आरोपी कपिल त्यागी दो नामी बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के नाम पर फर्जीवाड़ा करा रहा था। कॉलसेंटर में लड़कियों को नौकरियां दी गई थीं, जो कि लोगों के पास कॉल कर उन्हें फर्जी इंश्योरेंस बेचा करती थीं।”
– ”इस जालसाजी का मुख्य आरोपी कपिल त्यागी दो नामी बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के नाम पर फर्जीवाड़ा करा रहा था। कॉलसेंटर में लड़कियों को नौकरियां दी गई थीं, जो कि लोगों के पास कॉल कर उन्हें फर्जी इंश्योरेंस बेचा करती थीं।”





