नीतीश सरकार ने शहरी निकायों से वसूला 908 करोड़ का राजस्व

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने दावा किया कि आगामी समय में राज्य के नगर निकाय राजस्व संग्रहण के नए मानक स्थापित करेंगे और बिहार को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक शहरी ढांचे की दिशा में अग्रसर करेंगे। राज्य के शहरी निकायों में राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है।
वित्तीय वर्ष एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में राज्य के नगर निकायों द्वारा होल्डिंग टैक्स सहित कुल 908 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व संग्रहण किया गया है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि राज्य के कुल 19 नगर निगम, 89 नगर परिषद एवं 156 नगर पंचायतों से उक्त अवधि के दौरान होल्डिंग टैक्स सहित कुल 908 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व वसूला गया है। इसमें केवल होल्डिंग टैक्स वसूली का लक्ष्य 533 करोड़ रूपये था, जबकि 565 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई जो कुल लक्ष्य का 106 प्रतिशत है।
एक साल में होल्डिंग टैक्स से दोगुना राजस्व आया
वित्तीय वर्ष 2024-25 में होल्डिंग टैक्स सहित कुल राजस्व संग्रहण 432 करोड़ रूपये तथा केवल होल्डिंग टैक्स का संग्रहण 290 करोड़ रूपये हुआ था। विजस सिन्हा ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा शहरी निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। विभाग द्वारा राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने के लिए ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था, समयबद्ध कर निर्धारण एवं नियमित मॉनिटरिंग जैसी पहलें की गई हैं, जिससे नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ी है।
समय पर करों का भुगतान करें लोग
विजय सिन्हा ने आगे कहा कि शहरी निकायों की वित्तीय सुदृढ़ता राज्य के समग्र शहरी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। बढ़ा हुआ राजस्व संग्रहण शहरी आधारभूत संरचना के विकास, स्वच्छता व्यवस्था, जलापूर्ति, सड़क निर्माण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने सभी नगर निकायों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इसी प्रकार की प्रतिबद्धता एवं कार्यकुशलता के साथ आगे भी कार्य करते हुए राजस्व संग्रहण को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही नागरिकों से भी अपील की कि वह समय पर अपने करों का भुगतान करें, ताकि राज्य में बेहतर शहरी सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।





