नशे पर वार के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार, जम्मू संभाग में कल से जन अभियान

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान 11 अप्रैल से जन अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने 100 दिवसीय सघन अभियान की निगरानी के लिए हर जिले में एक अधिकारी नियुक्त किया है।
प्रदेश प्रशासन ने नशे पर वार के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान 11 अप्रैल से जन अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने 100 दिवसीय सघन अभियान की निगरानी के लिए हर जिले में एक अधिकारी नियुक्त किया है। वे खुद हर 15 दिन पर अभियान की समीक्षा करेंगे।
अभियान की शुरुआत जम्मू में 11 अप्रैल को एमए स्टेडियम से विशाल पदयात्रा के साथ होगी जिसे एलजी हरी झंडी दिखाएंगे। वे खुद इस पद यात्रा में शामिल होंगे। इसके बाद कठुआ, राजोरी समेत अन्य जिलों में भी उपराज्यपाल की मौजूदगी में जनअभियान की शुरुआत होगी। मई के पहले सप्ताह में कश्मीर संभाग में अभियान का आगाज होगा।
उपराज्यपाल ने प्रदेशवासियों से इस जन अभियान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को बर्बाद करने वाले नशे के खिलाफ सबको साथ आना होगा। बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, विशेष डीजी समन्वय एसजेएम गिलानी, गृह विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मनदीप के भंडारी समेत सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नशा तस्कर या तो यह धंधा छोड़ दें या फिर प्रदेश छोड़कर चले जाएं
उपराज्यपाल ने अफसरों को नशीली दवाओं की तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए निरंतर और गहन अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, निर्दोषों को छेड़ें नहीं और दोषियों को बख्शें नहीं। उन्होंने कहा कि नशे के शिकार लोगों की पहचान कर उनके पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उपराज्यपाल ने नशा तस्करों को भी कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी करने वाले या तो यह धंधा छोड़ दें या फिर जम्मू-कश्मीर छोड़कर चले जाएं।
नशीली दवाओं की बढ़ती तस्करी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा
नशीली दवाओं की बढ़ती तस्करी जम्मू-कश्मीर के युवाओं के भविष्य को खतरे में डालने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है। समाज के हर वर्ग को इन नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ लड़ाई में शामिल होना चाहिए। -मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल





