जींस पहनकर निकली लड़कियां, नहीं माना पंच-पटेल का आदेश

धौलपुर : राजस्‍थान के धौलपुर का बल्दियापुर गांव, यहां शनिवार को पंच-पटेलों ने लड़कियों के जींस पहने और मोबाइल फोन रखने पर पाबंदी का फरमान जारी किया था. लेकिन बुधवार को गांव की बेटियों ने पंच पटेलों के इस फरमान पूरी तरह से नकार दिया. इस फरमान के पीछे पंच-पटेलों का तर्क था कि ऐसा करने से मान-मर्यादाएं टूट रही हैं.

पंच-पटेलों से सवाल

इतना ही नहीं, लड़कियों ने बिरादरी के पंच-पटेलों से सवाल किया कि हमारी पोशाक देखने की बजाय वे गांव के हाई स्कूल और अस्पताल के लिए काम क्यों नहीं करते? उन्‍होंने नसीहत देते हुए कहा कि हमें पता है कि क्या पहनना है.

खबर के मुताबिक बल्दियापुर गांव की मनीषा, विमलेश, खूशबू, लाली और सुहानी बुधवार को हाथों में मोबाइल थामकर और जींस-टॉप पहनकर घर से निकली. ये वही गांव है जहां शनिवार को पंच-पटेलों ने लड़कियों के जींस पहने और मोबाइल फोन रखने पर पाबंदी का फरमान जारी किया था.

मान-मर्यादाएं टूट रही हैं

गांव के ही कैलाश कुशवाहा ने कहा था कि मान-मर्यादाएं टूट रही हैं. इसलिए हमने गांव में लड़कियों मोबाइल व चुस्त कपड़ों पर रोक लगाई थी. यह बिरादरी के प्रमुख लोगों का निर्णय था. वहीं छात्रा मनीषा का कहना है कि हमारे गांव में 5वीं से आगे स्कूल नहीं, अस्पताल नहीं, उन पर किसी पंच का ध्यान नहीं जाता, हमारे पहनावे और रहन सहन को ही क्यों निशाना बनाया जाता है?

हैरान करती है शोभारानी की चुप्पी

गांव बल्दियापुरा धौलपुर की महिला विधायक शोभारानी के विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है. आबादी भी उन्हीं के समुदाय की है. उनके घर से इस गांव की दूरी भी 20 किलोमीटर से कम है. बावजूद इसके उन्होंने अभी तक पंच-पटेलों के तुगलकी फैसले पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की. कौलारी थाना क्षेत्र के बल्दियापुरा गांव में शनिवार को शराब, जुआ, सट्‌टा, गुटखा जैसी बुराइयों के विरोध में पंच-पटेलों की बैठक बुलाई गई थी. जिसमें लड़कियों के जींस पहनने और मोबाइल फोन रखने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था.

पाबंदी हटाने का आश्‍वासन

इस बारे में पूछने पर जिलाधिकारी शुचि त्‍यागी ने कहा कि कौलारी थाना इंचार्ज को मामले की जांच के लिए कहा है. ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया है कि वहां लड़कियों के पहनावे और मोबाइल फोन रखने पर कोई पाबंदी नहीं होगी.

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