दो साध्वियों से दुष्कर्म में 20 कैद की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम ने एक बार फिर पैरोल मांगी….

दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में सुनारिया जेल में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने एक बार फिर पैरोल मांगा है। उसने इस बार अजीब कारण बताया है। उसने इस बार कृ्षि कार्य के लिए पैरोल मांगी है। जेल प्रशासन ने इस संबंध में एक तरह से उसका पक्ष लिया है। जेल प्रशासन ने जेल मेें गुरमीत के आचरण को अच्छा बताया है।
बता दें कि गुरमीत राम रहीम दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में सुनारिया जेल में 20 साल कैद की सजा काट रहा है। वह दो साल से इस जेल में बंद है। गुरमीत ने पिछले साल के अंत में भी पैरोल मांगा था। उसने अपनी गोद ली बेटी की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल की अर्जी दी थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था।
गुरमीत राम रहीम किसी भी तरीके से जेल से बाहर आना चाहता है। इसके लिए अब उसने खेती के कामकाज को संभालने के लिए पैरोल दिए जाने का आग्रह जेल प्रशासन से किया है। जेल प्रशासन ने सिरसा के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर इस मामले में उनकी राय मांगी है।
रोहतक जेल से जिला प्रशासन को आया पत्र, मांगी गई राय
रोहतक की सुनारिया जेल के अधीक्षक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि गुरमीत राम रहीेम सिंह सजायाफ्ता है और जेल में बंद है। पत्र में कहा गया है कि सीबीआइ कोर्ट द्वारा उनके विरुद्ध 12 दिसंबर 2002 को दर्ज केस में सजा सुनाई गई है और जुर्माना भी किया गया है। उसे दस-दस साल की दो सजा काटनी है। इसके अलावा एक अन्य केस में भी उन्हें आजीवन कारावास व जुर्माना हो रखा है। इसके साथ ही पंचकूला कोर्ट में दो अन्य केस भी विचाराधीन हैं। अब उसने पैरोल मांगा है।
जेल में आचरण अच्छा, नहीं किया कोई अपराध
सूत्रों के अनुसार, जेल अधीक्षक रोहतक की ओर से उपायुक्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गुरमीत सिंह का जेल में आचरण अच्छा है और उसने किसी भी प्रकार का कोई अपराध नहीं किया। बता दें कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 25 अगस्त 2017 को दो साध्वियों के यौन शोषण के मामलों में पंचकुला स्थित सीबीआइ कोर्ट ने दोषी करार दिया था। उसे अदालत ने दोनों मामले में 10-10 साल की अलग-अलग यानि कुल 20 साल कैद की सजा सुनाई थी।





