देहरादून: दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे कल जनता को समर्पित करेंगे पीएम मोदी

दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए दून के आशारोड़ी को जोड़ता है। खास है कि एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई है।

वर्षों का इंतजार खत्म होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल मंगलवार को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस का लोकार्पण कर जनता को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही दून से दिल्ली की दूरी मात्र ढाई से तीन घंटे की रह जाएगी।

11,963 करोड़ की लागत से बना 210 किमी लंबा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर कई मायनों में खास है। दिसंबर 2021 में एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हुआ था, जो पूरा होने के बाद अब उद्घाटन के लिए तैयार है। दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए दून के आशारोड़ी को जोड़ता है। खास है कि एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई है।

काफी समय से एक्सप्रेसवे के शुरू होने का लोगों को खासा इंतजार था। इस बीच कई बार उद्घाटन की तिथि की चर्चाएं भी चलीं लेकिन लोगों का इंतजार बढ़ता गया। अब 14 अप्रैल का दिन इस लिहाज से खास होने जा रहा है जब एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित होगा। इसके साथ ही दून-दिल्ली का सफर भी सुगम हो जाएगा।

12 किमी के वाइल्डलाइफ कॉरिडोर ने बनाया बेहद खास
एक्सप्रेसवे पर सबसे खास और अहम शिवालिक की पहाड़ियों यानी मोहंड में बना 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर माना जा रहा है। इस कॉरिडोर को इस तरह बनाया गया कि वाहन भी फर्राटा भरेंगे और वन्यजीवों की आवाजाही भी प्रभावित नहीं होगी, वन्यजीवों को वाहनों की आवाज भी सुनाई नहीं देगी। इसके लिए बाकायदा साउंड प्रूफ शीट लगाई गई हैं।

पीएम बनने के बाद 28वीं बार उत्तराखंड आ रहे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए उत्तराखंड तैयार है। पीएम बनने के बाद मोदी मंगलवार को 28वीं बार उत्तराखंड आएंगे। वह 11,963 करोड़ की लागत से बने 213 किमी लंबे दून-दिल्ली ऐलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की सौगात देंगे। इसके अलावा एक हजार मेगावाट क्षमता के देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। प्रदेश सरकार लोकार्पण समारोह को यादगार बनाने की तैयारियों में जुटी है। बता दें कि मोदी, प्रधानमंत्री बनने के बाद पांच बार केदारनाथ आ चुके हैं, साथ ही बदरीनाथ व मुखबा का भी दौरा कर चुके हैं। बीते वर्ष मार्च में उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीतकालीन यात्रा का संदेश दिया था।

उत्तराखंड से प्रधानमंत्री मोदी का कर्म और मर्म का रिश्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से कर्म और मर्म का रिश्ता रहा है। उत्तराखंड उनके हृदय में बसता है। उनके दौरे को लेकर देवभूमि वासियों में भारी उत्साह है। उनके मार्गदर्शन में दो लाख करोड़ से अधिक की विकास योजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में क्रांति आई है। चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ एवं हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना, देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड रोड जैसी बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति दी है।पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

नाम से जुड़ा इतिहास, मां डाट काली मंदिर है खास
उत्तराखंड में प्रवेश करते ही शिवालिक की तलहटी में स्थित मां डाट काली मंदिर पीएम मोदी के प्रस्तावित पूजन कार्यक्रम के चलते इन दिनों मंदिर चर्चाओं में है। खास बात यह है कि मंदिर का एक हिस्सा उत्तर प्रदेश तो दूसरा उत्तराखंड में आता है। मान्यता है कि जब देहरादून-सहारनपुर राजमार्ग पर अंग्रेज टनल का निर्माण कर रहे थे तो बार-बार बाधा आ रही थी। एक रात निर्माण में लगे इंजीनियर के सपने में मां काली आईं और उनके कहने पर 1804 में पिंडी को स्थापित किया गया। इसके बाद ही मंदिर का नाम मां डाट काली रखा गया। माना जाता है कि नया वाहन लेने पर चुनरी बंधवाने पर माता रानी स्वयं भक्त और वाहन की रक्षा करती हैं। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मां डाट काली मंदिर में दर्शन-पूजन कर ही करेंगे।

कॉरिडोर से मंदिर जाने के लिए विशेष निर्माण
एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार और भक्तों की सुविधा को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर से मां डाट काली मंदिर जाने के लिए विशेष मार्ग का निर्माण किया गया है। एनएचएआई ने कॉरिडोर से ही मंदिर जाने के लिए वायाडक्ट बनाया। अब सहारनपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालु मंदिर जाने के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करेंगे।

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