देश के 110 बड़े शहरों में अचानक बढ़ गई कारों की बिक्री

एप के जरिए कैब बुकिंग सेवा देश में इतनी लोकप्रिय हो रही है कि इसके वजह से कार कंपनियों की तो मानो निकल पड़ी है। ओला व उबर ने जिस तरह से कैब बाजार पर कब्जा जमाया है उसका तरीका हर किसी को रास आया और बहुत से ऐसे लोग कैब चलाने लगे जो कि कंपनियों में बढ़िया नौकरी करते थे। इसके चलते आज ओला व उबर हाई ‌डिमांड पर हैं।
देश के 110 बड़े शहरों में अचानक बढ़ गई कारों की बिक्री
जहां ओला देश के 110 शहरों में अपनी लगभग साढ़े छह लाख टैक्सियां ऑपरेट कर रही है तो वहीं उबर मौजूदा समय में देश के 29 शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है।
नाम न छापने के शर्त पर टाटा के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि ओला और उबर में जब कैब ड्राइवर हड़ताल कर रहे थे उस समय हमारी बिक्री पर काफी असर पड़ा था। लाखों लोग रोजगार पाने की चाहत में इन कंपनियों से या तो अपनी गाड़ियां खरीदकर जुड़ रहे हैं या फिर इन कंपनियों से गाड़ियां लेकर एप के जरिए कमाई कर रहे हैं।ओला-उबर की मांग इतनी होती है
कि हम गाड़ियां उनको नहीं दे पाते और चरणबद्व तरीके से उनको गाड़ियां देते हैं। इसके चक्कर में ग्राहकों को गाड़ियां खरीदने के लिए कई बार इंतजार करना पड़ जाता है

इसे भी पढ़ेंः  सीएम योगी के आज के इस फैसले से हिल गई पूरी यूपी

ओला व उबर से जुड़ने का तरीका बेहद आसान है इसलिए लोग काफी सहजता के साथ इनके साथ अपना काम शुरू कर लेते हैं। अब इन कंपनियों ने कुछ ऐसी शर्तें भी ड्राइवरों को बताकर साइन करवा लिया है जिसके तहत अपनी कैब संचालन की गुणवत्ता पर वो काबू रख सकें। हालांकि कि कुछ कैब ड्राइवर अब बोलने लगे हैं कि अब वह कमाई इनमें नहीं रही जितनी पहले थी। लेकिन इसके बावजूद ओला-उबर के साथ जुड़ने वाले ड्राइवरों की संख्या देखें तो इसमें काफी इजाफा हो रहा है। हर पांच मिनट में आपको दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे या फिर किसी अन्य शहर में ये कैब आसानी से उपलब्‍ध हैं। 
Back to top button