देवबंद से पकड़े आतंकियों को लेकर सामने आया चौंकाने वाला खुलासा, रेलवे स्टेशन पर ऐसे हुई हथियारों के साथ एंट्री

सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर चेकिंग की ठोस व्यवस्था नहीं है। तभी तो जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी शाहनवाज और आकिब अहमद मलिक बिना रोक-टोक असलहों के साथ सहारनपुर से होते हुए देवबंद पहुंच गए। हालांकि संवेदनशील रेलवे स्टेशनों की श्रेणी में शामिल इस रेलवे स्टेशन देश को बम से उड़ाने की धमकी भी मिल चुकी है।देवबंद से पकड़े आतंकियों को लेकर सामने आया चौंकाने वाला खुलासा, रेलवे स्टेशन पर ऐसे हुई हथियारों के साथ एंट्री

चूंकि जम्मू कश्मीर से देवबंद तक पहुंचने के दो रास्ते हैं, जिनमें एक है सड़क मार्ग, तो दूसरा रेलमार्ग है। देवबंद पहुंचने से पहले सहारनपुर सहित कई प्रमुख रेलवे स्टेशन आते हैं, लेकिन किसी भी जगह चेकिंग में आतंकियों को पकड़ा नहीं जा सका

वह आसानी से पिस्टल और कारतूस लेकर देवबंद तक पहुंच गए थे। इससे पहले वर्ष 2015 में सहारनपुर रेलवे स्टेशन से ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने हिजबुल इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख को गिरफ्तार किया था।

तालीम के लिए देवबंद में आने वाले छात्रों को आसरा दे रहे छात्रावासों की अब कुंडली खंगाली जाएगी। किस छात्रावास में कितने छात्र रह रहे हैं। उनका किस संस्थान में दाखिला है, कब से रह रहे हैं। उनका पूरा ब्योरा एकत्रित करने में खुफिया विभाग जुट गया है।

पता लगाया जा रहा है कि ऐसे और कितने छात्र रह रहे हैं, जिनका कहीं पर दाखिला ही नहीं है और बेवजह ही छात्रावास में रह रहे हैं। साथ ही छात्रावास संचालकों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि कोई भी छात्र आता है तो रजिस्टर बनाकर उसका पूरा ब्यौरा दर्ज किया जाए और पुलिस को इसकी सूचना दी जाए। उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।

नाज मंजिल छात्रावास में रह रहे शाहनवाज और आकिब को कश्मीर के होने के बावजूद देवबंद में रहने में कोई परेशानी नहीं हुई। छात्रावास में अधिकतर छात्र आपस में उर्दू भाषा का प्रयोग करते हैं। शाहनवाज और आकिब को उर्दू की अच्छी जानकारी थी। जिस कारण वह अन्य छात्रों से उसी भाषा में बात करते थे। इसलिए अन्य छात्रों के साथ आसानी से घुल मिल गए थे।

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