दिल्ली-जैसलमेर स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस के S-2 कोच के नीचे लगी आग, बड़ा हादसा टला

स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस में S-2 स्लीपर कोच के नीचे आग लग गई। समय पर लोको पायलट की तत्परता और रेलवे कर्मचारियों की कार्रवाई से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और आग पर नियंत्रण पाया गया।
दिल्ली से जैसलमेर आ रही स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन के एक स्लीपर कोच के नीचे अचानक आग लग गई। यह घटना जैसलमेर रेलवे सेक्शन में जेठा–चांधन रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 9:30 बजे हुई, जब ट्रेन अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। चलती ट्रेन से धुआं उठता देख लोको पायलट ने तत्परता दिखाते हुए आपात ब्रेक लगाकर ट्रेन को तुरंत रोक दिया। ट्रेन के रुकते ही यात्रियों को स्थिति की गंभीरता का अहसास हुआ और कोच में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।
S-2 स्लीपर कोच के नीचे लगी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, S-2 स्लीपर कोच में अचानक तेज धुआं भरने लगा। शुरुआत में यात्रियों को स्थिति समझ में नहीं आई, लेकिन खिड़कियों से धुआं बाहर निकलता देख यात्रियों में घबराहट फैल गई। एक यात्री ने बताया कि कुछ ही सेकंड में कोच के अंदर धुएं का गुबार छा गया। यात्रियों ने चेन पुलिंग की और ट्रेन रुकते ही नीचे देखा गया तो कोच के नीचे आग की लपटें दिखाई दीं।
यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया
अचानक ब्रेक लगने और धुएं के कारण यात्रियों में हड़बड़ाहट का माहौल बन गया। हालांकि, यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सूझबूझ से सभी को सावधानीपूर्वक कोच से नीचे उतार लिया गया। रेलवे स्टाफ ने तुरंत मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर ले गए। गनीमत रही कि इस दौरान किसी प्रकार की भगदड़ की स्थिति नहीं बनी और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
रेलवे स्टाफ की तत्परता से टला बड़ा हादसा
आग की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू कर दी। कुछ ही मिनटों में आग को पूरी तरह बुझा लिया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। यदि आग पर तुरंत नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
पहले से देरी से चल रही थी ट्रेन
बताया जा रहा है कि स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस का जैसलमेर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 9 बजे था, लेकिन ट्रेन पहले से ही करीब एक घंटे की देरी से चल रही थी। आग की घटना के कारण ट्रेन को अतिरिक्त करीब 30 मिनट तक रोके रखा गया। आवश्यक सुरक्षा जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ट्रेन को दोबारा जैसलमेर के लिए रवाना किया गया।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फिलहाल कोच के नीचे आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि आग किसी तकनीकी खराबी या ब्रेक सिस्टम से जुड़ी समस्या के कारण लगी हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।





