दिल्ली के पास बसेंगे 8 नए ‘स्मार्ट शहर’, ये नए शहर इन इलाकों में विकसित किए जाएंगे

दिल्ली-NCR रहने वालों के लिए एक बड़ी और शानदार खबर है। बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए सरकार ने एक मेगा मास्टर प्लान तैयार किया गया है। ‘NCR Planning Board’ ने दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में 5 से 8 नए अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी (Greenfield Smart Cities) बसाने का बड़ा प्रस्ताव रखा है। यह पूरा प्रोजेक्ट रीजनल प्लान 2041 (Regional Plan 2041) का हिस्सा है।
यूपी, हरियाणा और राजस्थान में तैयार होंगे नए ‘आर्थिक हब’
प्रस्ताव के मुताबिक, ये नए शहर दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश (UP), हरियाणा (Haryana) और राजस्थान (Rajasthan) के इलाकों में विकसित किए जाएंगे। इन शहरों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि ये पूरी तरह आत्मनिर्भर (Self-reliant) हों। यहां रहने वाले लोगों को पढ़ाई, इलाज, नौकरी, बेहतरीन ट्रांसपोर्ट और डिजिटल सुविधाएं शहर के अंदर ही मिल जाएंगी। उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे और हरियाणा में KMP (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे के आसपास इन नए शहरों या टाउनशिप को बसाने की तैयारी है।
महाराष्ट्र की ‘Auric City’ जैसा होगा मॉडल
एनसीआर के इन नए शहरों को महाराष्ट्र की प्रसिद्ध ऑरिक इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी (Auric Industrial Smart City) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। ऑरिक सिटी को भारत में आधुनिक शहरी विकास (Urban Development) का सबसे सक्सेस प्रोजेक्ट है। इसी बेहतरीन मॉडल को अपनाकर एनसीआर में भी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और रेल नेटवर्क के पास नए रिहायशी और कमर्शियल इलाके बनाए जाएंगे।
सफर होगा बेहद आसान, 30 मिनट में पहुंचेंगे दिल्ली
इस योजना का सबसे अहम हिस्सा इसका कनेक्टिविटी नेटवर्क है:- नए शहरों से दिल्ली की दूरी को समेटने के लिए हेली टैक्सी (Heli-Taxi) और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे सफर मात्र 30 मिनट का रह जाएगा। सामान्य ट्रेन के जरिए यात्रा का समय अधिकतम 60 मिनट और कार से 2 से 3 घंटे के बीच रखने का लक्ष्य है ताकि लोग आसानी से अप-डाउन कर सकें।
₹20 लाख करोड़ के निवेश की उम्मीद
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले 15 सालों में एनसीआर की आबादी में करीब 3 करोड़ नए लोग जुड़ जाएंगे। इतनी बड़ी आबादी को घर, रोजगार, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं देने के लिए लगभग 20 लाख करोड़ के भारी-भरकम निवेश की जरूरत होगी। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो दिल्ली-एनसीआर दुनिया के सबसे व्यवस्थित और आधुनिक शहरी क्षेत्रों (Urban Areas) में शुमार हो जाएगा।





