दिल्ली की वायु गुणवत्ता में हुआ मामूली सुधार, अब भी हवा में मौजूद हैं जहरीले कण

दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में लगातार पांच दिन गिरावट रहने के बाद शनिवार को हवा में मामूली सुधार हुआ है। इस वक्त समग्र वायु सूचकांक ‘खराब’ श्रेणी में बना हुआ है।दिल्ली की वायु गुणवत्ता में हुआ मामूली सुधार, अब भी हवा में मौजूद हैं जहरीले कण

आज सुबह दिल्ली के लोधी रोड क्षेत्र में पीएम 2.5 247(खराब) और पीएम 10 257 मापा गया है। यह दोनों ही हालात खराब श्रेणी के हैं। भले ही पांच दिनों की स्थिति से मामूली राहत मिली हो लेकिन यह स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। हालांकि

शुक्रवार तक कैसी थी स्थिति
शुक्रवार को हवा में मौजूद खतरनाक पार्टिकुलेट मैटर(पीएम) 10 और 2.5 के कण अपने सामान्य गुना से तीन-चार गुना ज्यादा बने हुए थे।

वहीं, आम लोगों के लिए जारी हेल्थ एडवाइजरी में दोहराया गया है कि जिन व्यक्तियों को अस्थमा जैसी श्वास संबंधी बीमारी है, वे खुले वातावरण में न जाएं। साथ ही स्वस्थ लोग भी बाहरी वातावरण में मेहनत वाला काम न करें। यदि खुले वातावरण में जाना भी है तो बचाव के लिए मास्क जरूर पहनें।

दिल्ली और एनसीआर शहरों की वायु गुणवत्ता मौसम के प्रतिकूल प्रभाव के चलते बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 358 है।

पूरे सप्ताह बहुत खराब रही हवा
इस पूरे सप्ताह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी से बाहर नहीं आया। वहीं, शुक्रवार को मुंडका, रोहिणी, वजीरपुर में गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता रिकॉर्ड की गई। जबकि 25 स्थानों की हवा बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है।

तीन से चार गुना अधिक पीएम कण
दिल्ली-एनसीआर में पीएम 2.5 अपने सामान्य मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब तीन गुना ज्यादा 189 और पीएम 10 का स्तर अपने सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब चार गुना ज्यादा 341 बना हुआ है। इस पूरे हफ्ते दिल्ली-एनसीआर की हवा गुणवत्ता में पार्टिकुलेट मैटर बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है।

गुरुग्राम छोड़कर एनसीआर की स्थिति भी खराब
गुुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। जबकि गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में क्रमश: 376, 380, 372, 328 रिकॉर्ड की गई है। बृहस्पतिवार को गाजियाबाद और हापुड़ की हवा गुणवत्ता गंभीर श्रेणी (400 से अधिक एक्यूआई) के स्तर पर पहुंच गई थी। हवा का सहारा मिलने पर एक्यूआई स्तर में मामूली गिरावट आई है।

कमजोर है वेंटिलेशन सूचकांक
मौसम विभाग के मुताबिक, हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने वाला वेंटिलेशन सूचकांक इस वक्त बेहद निम्न स्तर पर है। 6 हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड के स्तर वाला वेंटिलेशन सूचकांक प्रदूषण कणों को छांटने में मददगार होता है। जबकि इस वक्त यह सूचकांक सिर्फ 2500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड बना हुआ है।

अगले दो दिन और बिगड़ सकती है हवा की गुणवत्ता
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉर कास्टिंग (सफर) के मुताबिक, अगले दो दिन हवा की गुणवत्ता और बिगड़ सकती है। हालांकि, वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं।

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