दिल्ली-NCR में बदला मौसम: कई इलाकों में सुबह से लगातार हो रही बारिश, गिरा पारा

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बारिश के बाद दिन का तापमान गिरकर 19-21 डिग्री तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान भी 6-8 डिग्री के आसपास आ जाएगा। इसके बाद ठंड एक बार फिर लौटेगी और सुबह-रात में ठिठुरन बढ़ेगी।
दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार की सुबह राजधानी और नोएडा समेत आसपास के इलाकों में बारिश हुई। वहीं, गरज के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने पहले से ही गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी चेतावनी जारी की थी। इन मौसमी बदलावों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह मौसमी बदलाव अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है।
जानें क्यों अचानक बदला मौसम का मिजाज
जनवरी का महीना आमतौर पर कड़ाके की ठंड के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार दिन का तापमान काफी ऊपर चढ़ रह था। लेकिन शुक्रवार को मौसम ने करवट ली है। आज एक मजबूत और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत पर असर डाल रहा है। ऐसे में दिल्ली में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई थी, जिसका असर भी सुबह से ही दिखने को मिल राह है। बारिश के साथ गरज-चमक और 40-50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा भी चलने के आसार जताए गए थे। बारिश के बाद दिन का तापमान गिरकर 19-21 डिग्री तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान भी 6-8 डिग्री के आसपास आ जाएगा। इसके बाद ठंड एक बार फिर लौटेगी और सुबह-रात में ठिठुरन बढ़ेगी।
जनवरी में मई जैसा अहसास, आखिर क्यों?
आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो दिनों में तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है। हालात ऐसे हैं कि सुबह और रात का तापमान जहां 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, वहीं दिन का पारा चढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लेकिन अगर आप इसे ठंड की विदाई समझ रहे हैं, तो ठहरिए… मौसम विभाग के संकेत कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
अचानक कैसे आ गए गर्मी वाले दिन?
इस असामान्य गर्माहट की मुख्य वजह एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ है, जो हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हुआ, लेकिन मैदानी इलाकों में ज्यादा प्रभाव नहीं डाल सका। आमतौर पर ऐसे विक्षोभ बादल, कोहरा और बारिश लाते हैं, लेकिन इस बार बादल कम छाए और आसमान ज्यादातर साफ रहा।
इससे सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पहुंच रही हैं, जिससे दिन में गर्मी का अहसास बढ़ गया है। इसके अलावा, मैदानी क्षेत्र में एंटी-साइक्लोन जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसने ठंडी हवाओं को रोक रखा है। हवा में नमी की कमी से घना कोहरा भी नहीं बन पा रहा।





