‘दिल’ तो है दिल…

आधुनिक जीवन के तनाव ने छोटी उम्र में भी आघात देना शुरू कर दिया है। जहां पहले के समय में हार्ट अटैक को सिर्फ अधिक उम्र से जोड़ा जाता था, वहीं अब 20-40 वर्ष की उम्र में भी दिल के रोगों के मरीज सामने आ रहे हैं। ह्रदय रोग कई बार जेनेटिक कारणों से भी होता है। दिल के रोगों से कैसे रहें दूर, बता रही हैं आशाश्री
पिछले कुछ दशकों में जितनी तेजी से लाइफस्टाइल बदली है, उतनी ही तेजी से दिल के रोगी भी बढ़े हैं। हालांकि खान-पान से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखना आपके दिल को स्वस्थ रख सकता है। फल व सब्जियों वाली लो सोडियम डाइट और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों से ब्लड प्रेशर को कम रखने में मदद मिलती है। डाइट में सामान्य चीनी की मात्रा कम रखना बल्ड शुगर को कंट्रोल रखता है। चीनी और सेचुरेटेड फैट कम खाना और मोनोअनसेचुरेटेड फैट (बादाम व अन्य मेवे, जैतून, मूंगफली) पॉलीअनसेचुरेटेड फैट (सोयाबीन का तेल, अलसी, मछली, अखरोट) युक्त पदार्थों की प्रचुरता कोलेस्ट्रॉल लेवल में सुधार करती है। फल, सब्जियां और मेवे एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो प्लैक जमना रोककर हार्ट अटैक की आशंका को कम कर देते हैं।
खून में होमोसिस्टेइन कम करें : होमोसिस्टेइन एक अमिनो एसिड है, जो प्रोटीन के पाचन के बाद शेष बचता है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ा कर दिल के रोगों की आशंका को बढ़ा देता है। हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से होमोसिस्टेइन का लेवल कम होता है और शरीर में फोलेट लेवल बढ़ता है। पालक में फोलेट भरपूर मात्रा में होता है। नाश्ते में खाए जाने वाले अनाज और दालों में भी यह काफी होता है। कटी हुई पालक, संतरा, जैतून का तेल और नींबू रस, इन सबको पीस कर ऑमलेट या सैंडविच में लेयर बना कर खाएं। उबले हुए पालक को दाल-चावल के साथ खाना भी अच्छा रहेगा।
बैड कोलेस्ट्रॉल घटाएं : एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होने से धमनियां संकुचित हो जाती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में ओट्स काफी असरदार है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर रक्त में से कोलेस्ट्रॉल का अवशोषण कर इसे शरीर से बाहर करने में मदद करते हैं। सुबह नाश्ते में नियमित ओट्स शामिल करें।
ब्लड प्रेशर करें कंट्रोल : हाई बल्ड प्रेशर धमनियों को कठोर और संकुचित बनाता है, जिससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। कैंब्रिज यूनिवॢसटी में हुए एक रिसर्च ‘चॉकलेट कन्सम्प्शन एंड कार्डियोमेटाबॉलिक डिसॉर्डर्स’ में नियमित रूप से डार्क चॉकलेट खाने वालों में दिल के रोगों की आशंका 37 फीसदी कम देखने को मिली है। डार्क चॉकलेट में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखते हैं।
लहसुन और जैतून के तेल का करें प्रयोग : लहसुन में सल्फाइड कंपाउंड होता है, जो न सिर्फ कोलेस्ट्रॉल घटाता है, बल्कि थक्का जमने से भी रोकता है। यह बंद धमनियों को खोलने में सहायक है और बल्ड सर्कुलेशन को सही करता है। रोज एक कली लहसुन खाएं। इसके अलावा जैतून का तेल दिल के रोगों की आशंका को काफी हद तक दूर रखता है। इस तेल में मोनोअनसेचुरेटेड फैट और ऐसे तत्व होते हैं, जो शरीर की सूजन और दर्द को कम करते हैं और थक्का जमने की आशंका को रोकते हैं। ताजी हरी पत्तियां, पास्ता, सलाद व भुने हुए आलू में जैतून का तेल मिलाकर खाएं।
यह भी अपनाएं
आज हमारा ज्यादातर समय कार्यस्थल या ऑफिस में बीतता है। ऐसे में हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि अपनी कार्यप्रणाली के अनुरूप दिल की सेहत को दुरुस्त रखें। दिल को दुरुस्त रखने के लिए इन उपायों को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करें।
– थोड़ा समय एक्सरसाइज के लिए निकालें।
– प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे तक व्यायाम करना दिल के लिए अच्छा होता है। समय की कमी है तो आप टहल सकते हैं।
– सेहत के अनुरूप आहार लें । नमक की कम मात्रा का सेवन करें। कम वसा वाले आहार लें। ताजी सब्जियां और फल लें।
– समय पर नाश्ता और समय पर लंच करें।
– तंबाकू से दूर रहें।
– घंटों एक ही स्थिति में बैठना दिल के लिए हानिकारक हो सकता है।
– भागदौड़ वाली जीवनशैली में तनाव भी बढ़ गया है। इससे पूरी तरह बचना तो मुश्किल है, लेकिन जहां तक संभव हो इससे दूरी बनाए रखें।





