दरोगा सुसाइड मामले में हुआ बड़ा खुलासा, जिसे देख हैरत में पड़ गई पुलिस
दरोगा सत्यवीर सिंह त्यागी के सुसाइड नोट में थाना बारादरी के मालखाने से नोटबंदी के दौरान जब्त किए गए पांच सौ और हजार के नोट और जुए-सट्टे के मामलों में पकड़े गए कैश के ही गायब होने का जिक्र है, लेकिन अफसर इस पर मुतमईन नहीं हैं।
चूंकि मालखाने में वर्ष 2011 से 2017 के बीच ही जमा हुए आठ सौ से ज्यादा माल के पुलिंदे थे, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि होमगार्ड वेदप्रकाश ने यहां रखा और भी कीमती माल पार किया हो सकता है। इसी आशंका के चलते मालखाने के चार कमरों को सील करवा दिया गया है। डीएम और एसएसपी की ओर से गठित समिति ही अब इन कमरों को खोलकर जांच करेगी कि वहां से और क्या-क्या गायब है।
मालखाने की शुरुआती जांच में पता चला है कि माल के कई पुलिंदों की सील तोड़कर उनमें रखी करेंसी निकाल ली गई और उसकी जगह पर नकली नोट या अखबार की कतरन रखकर उन पर दोबारा सील भी लगा दी गई ताकि गड़बड़ी मालखाने में ही दफन रहे। इसके बावजूद यह करतूत इसलिए खुल गई क्योंकि जल्दबाजी में तीन माल के पुलिंदों पर ठीक से सील नहीं लग पाई।
इन पुलिंदों की सील टूटी मिलने के बाद ही दरोगा सत्यवीर सिंह त्यागी को माल गायब होने का शक हुआ था। थाने के स्टाफ ने बताया कि सत्यवीर कई दिनों से रोजाना कई-कई घंटे मालखाने के कमरों में ही बिताने लगे थे। हेड मोहर्रिर बलराम के मुताबिक स्टाफ को यही लगता था कि वह माल की गिनती में मशगूल हैं।





