‘द ट्रायल’ के बाद OTT पर फिर छाएंगी काजोल

अपने बेबाक अंदाज और शानदार अभिनय के लिए पहचानी जाने वालीं काजोल (Kajol) बड़े पर्दे के साथ-साथ अब ओटीटी पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। ‘द ट्रायल’ वेब सीरीज और ‘मां’ जैसी महिला प्रधान कहानियों का हिस्सा रहीं काजोल आगामी दिनों में अपनी नई फिल्म ‘महाराग्नि: क्वीन ऑफ क्वींस’ (Maharagni: Queen of Queens) में एक बार फिर दमदार अवतार में नजर आएंगी।
हाल ही में 90 के दशक की इस डीवा ने अपने करियर, बॉक्स ऑफिस के दबाव, ओटीटी और अपने निजी विचारों को लेकर खुलकर बात की और कई सवालों के जवाब दिए।
काजोल के पति और अभिनेता अजय देवगन खुद एक सफल निर्माता-निर्देशक भी हैं। ऐसे में क्या काजोल कभी अजय से अपने लिए कोई महिला प्रधान फिल्म निर्देशित करने का आग्रह नहीं करती हैं?
इस सवाल पर काजोल जोर से हंसते हुए कहती हैं, “नहीं, बिल्कुल नहीं। किसी भी फिल्म का प्रोडक्शन उसके प्रोजेक्ट पर निर्भर करता है। मैंने कभी नहीं कहा कि सिर्फ मेरे साथ पिक्चर बनाओ और किसी के साथ नहीं। मेरी उसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। मैंने वैसे भी कभी इन चीजों के बारे में नहीं सोचा।” बता दें कि काजोल फिलहाल ओटीटी और सिनेमा दोनों माध्यमों पर एक बेहतरीन संतुलन बनाकर चल रही हैं।
करियर के इतने वर्षों में खुद को साबित करने के बाद भी क्या उन पर बॉक्स ऑफिस पर नंबर जुटाने का दबाव रहता है?
इस पर वह बेबाकी से जवाब देती हैं, “कलाकारों पर हमेशा से इसका दबाव रहा है। अगर आप दिलीप कुमार जैसे बड़े अभिनेता से भी पूछते, तो उन्हें भी दबाव रहा होगा कि फिल्म चलेगी या नहीं। अमित (अमिताभ बच्चन) जी से या रणवीर सिंह से पूछेंगे, तो उन्हें भी यह दबाव होता है। ‘शुक्रवार का प्रेशर’ उन सभी कलाकारों पर होता है, जिनकी फिल्में रिलीज होती हैं। लेकिन, जब शुक्रवार को मेरी फिल्म रिलीज होती है, तो मैं कोई तनाव नहीं लेती। मैं हमेशा अपना 100% देती हूं, और फिर बाकी सब भगवान पर छोड़ देती हूं।”
क्या ओटीटी अभिनेत्रियों को ज्यादा मौके दे रहा है?
इस पर काजोल अपनी राय रखते हुए कहती हैं, “बेहतर या ज्यादा से इतर, मुझे लगता है कि यह ‘अलग’ मौके दे रहा है। ओटीटी की मांग बिल्कुल अलग है और वहां का काम भी अलग है। वहां पर इतनी पाबंदियां नहीं होती हैं और उसके नियम भी सिनेमा से काफी अलग होते हैं।”
आज की काजोल, अपनी ‘युवा काजोल’ को क्या सलाह देना चाहेंगी?
इस सवाल पर वह मुस्कुराते हुए कहती हैं, “पहले तो मैं बता दूं कि युवा काजोल किसी से सलाह लेती ही नहीं थी! और अभी वाली काजोल भी नहीं लेती है। मुझे लगता है कि मैं जो हूं, आज जिस तरह की इंसान हूं, उसे देखते हुए अपनी युवा काजोल से यही कहूंगी कि- ‘तू जिस तरह की इंसान है, बिल्कुल सही है। खुद को मत भूलना और किसी की सलाह मत लेना। तुम जो कर रही हो, सही कर रही हो।'”
बेटे युग और महिलाओं से प्रेरणा पर क्या बोलीं काजोल?
अपने बेटे युग की फिल्मों में दिलचस्पी को लेकर काजोल बताती हैं कि वह फिलहाल 15 साल का है और काफी समझदार है। वह कहती हैं, “इस समय दुनिया के पास सूचनाओं का भंडार है। ऐसे में कई बार उनके पास दुनिया की जानकारी हमसे भी ज्यादा होती है। हम सौभाग्यशाली हैं कि वह इस मामले में अग्रणी है, बाकी वह आम किशोरों की तरह ही है।”
अपनी मां तनुजा के अलावा किन महिलाओं से प्रेरणा मिलती है?
इस पर काजोल ने कहा, “बहुत सारी महिलाएं हैं, जैसे हमारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी। मैं शायद सबका नाम नहीं ले पाऊंगी, लेकिन जब मैं महिलाओं को समाज के एक अहम हिस्से के तौर पर देखती हूं, जो हर दिन अपने काम और घर के बीच बेहतरीन संतुलन साधती हैं, तो ऐसी हर महिला मुझे प्रेरित करती है।”





