तेजी से पिघल रही है अंटार्कटिका की बर्फ, डूब सकता है ये शहर

ग्लोबल वार्मिंग लगातार बढ़ती जा रही है। इसने पूरी दुनिया को एक बड़ी चिंता में डाल दिया है। ग्लोबल वार्मिंग से बर्फ पिघल रही है जिससे समुद्र का स्तर बढ़ता जा रहा है। नासा और नीदरलैंड की यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी ने अंटार्कटिका पर हाल ही में एक शोध किया है। जिसमें हैरान कर देने वाले परिणाम सामने आए हैं। अध्ययन में वैज्ञानिकों को पता चला है कि यहां बर्फ पिघलने की रफ्तार काफी तेज है। 

280 फीसदी बढ़ी दर
शोधकर्ताओं का कहना है कि बीते 16 सालों में अंटार्कटिका में बर्फ पिघलने की दर 280 फीसदी बढ़ गई है। जिसके कारण वैश्विक समुद्र का स्तर बीते चार दशक में आधे इंच से भी अधिक बढ़ गया है। शोधकर्ताओं की रिपोर्ट के अनुसार 1979 से लेकर 1990 तक के वर्षों में औसत रूप से 40 गीगाटन बर्फ पिघलती थी। इस स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2009 से लेकर 2017 के बीच में 252 गीगाटन बर्फ हर साल पिघलने लगी। बीते चार दशकों से ये रफ्तार बढ़ती जा रही है। वहीं अगर 1979 से लेकर 2001 के समय का अध्ययन देखें तो हर दशक सालाना 48 गीगाटन बर्फ पिघली है। 2001 से लेकर 2017 तक हर साल 134 गीगाटन बर्फ पिघली है। ये रिपोर्ट प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज जर्नल में प्रकाशित की गई है।





