ड्राइवर के खाते में 20 करोड़ का लेनदेन, अब 3 ड्राइवर-मालिकों के यहां सर्वे

  • जोधपुर. नोटबंदी के दौरान पूर्व ड्राइवर के खाते में 49 लाख रुपए जमा कराने के बाद शुरू हुई आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग की जांच गुरुवार को दो कारोबारियों के 11 ठिकानों पर छापे और 4 जगह पर सर्वे तक पहुंची। इतना ही नहीं, संभवत: शहर में पहली बार आयकर विभाग की टीमों ने कारोबारी के तीन ड्राइवरों के घर पर भी जांच शुरू की है। नोटबंदी के दौरान 49 लाख रुपए जमा होने पर आयकर विभाग ने व्यापारी के पूर्व ड्राइवर को नोटिस भेजा। फरवरी से ही विभाग की टीमें डायमंड व्यापारी आदित्य लोढ़ा व उसके पार्टनर देवेंद्र बूिड़या (िवश्नोई) के बारे में जानकारी जुटाने व शिकंजा कसने में लगी रहीं। इसी बीच पूर्व ड्राइवर ने व्यापारी के खिलाफ गत 12 अप्रैल को सरदारपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
    ड्राइवर के खाते में 20 करोड़ का लेनदेन, अब 3 ड्राइवर-मालिकों के यहां सर्वे
     
    पुलिस ने मामले में एफआर लगा आयकर विभाग को खाते में जमा हुए पैसों की जांच करने को लिखा। छह माह की इन्वेस्टिगेशन व कड़ियां जोड़ने के बाद गुरुवार अलसुबह विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बड़ी कार्रवाई अंजाम दी। विभाग की एक दर्जन से ज्यादा टीमों ने दोनों कारोबारियों के जोधपुर जिले में करीब 10 ठिकानों के साथ जयपुर में एक और मुंबई में दो ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की। इससे एकबारगी जोधपुर में हड़कंप मच गया।

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    ड्राइवर ने पहले एफआईआर दी… जॉब छोड़ दी थी, खाता मेरा ना पैसा
    मामले के अनुसार मूलतया जोधपुर जिले के चामू निवासी नरपतलाल जोशी उर्फ नरेश पुत्र पारसमल ने गत 12 अप्रैल को सरदारपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया था कि दो साल पहले वह सरदारपुरा में डायमंड व्यापारी के यहां ड्राइवर की नौकरी करता था। व्यापारी ने उससे पैन कार्ड, वोटर-आईडी आदि कुछ डॉक्यूमेंट लिए थे। एक साल बाद उसने नौकरी छोड़ दी। गत 23 फरवरी को उसके पास आयकर विभाग का नोटिस आया। इसमें सरदार स्कूल परिसर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में उसका खाता होने और उसमें दो साल में तकरीबन 20 करोड़ रुपए का लेन-देन व नोटबंदी के बाद 49 लाख रुपए पांच सौ व हजार के नोटों के रूप में नकदी जमा करवाकर निकालने का जिक्र था।
     
    फिर पुलिस के सामने बयान से पलटा …तो मामला आईटी डिपार्टमेंट भेजा
    इस पर नरपतलाल आयकर विभाग पहुंचा और यह राशि और खाता भी उसका नहीं होने की बात बताई। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला, तो सरदारपुरा थाने में व्यापारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। इसकी जांच करने वाले सरदारपुरा थानाधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के बीच ही परिवादी नरपत पूर्व में भी अपने बयान से मुकर गया। इस पर पुलिस ने प्रकरण में अंतिम रिपोर्ट लगाई व इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को परिवादी के खाते में आई राशि के बारे में पड़ताल करने के संबंध में पत्र लिख दिया।
     
    15 ठिकानों पर छानबीन में करोड़ों रुपए की अघोषित आय खुलने की संभावना
    आयकर विभागीय सूत्रों के अनुसार अन्वेषण शाखा की टीमें डायमंड कारोबारी के सरदारपुरा सहित शहर के अन्य इलाकों में स्थित शोरूम व मकान व उसके ठेकेदार पार्टनर के उम्मेद भवन पैलेस रोड राइकाबाग स्थित मकान, ऑफिस, पैतृक गांव गुड़ा विश्नोइयान स्थित घर के अलावा जयपुर में एक और मुंबई में दो जगहों पर दोनों कारोबारियों से जुड़े अन्य लोगों के यहां दस्तावेज की पड़ताल कर रही हैं।
    ड्राइवर्स के साथ एक अन्य शख्स के यहां भी छानबीन
    इनके अलावा जोधपुर के नई सड़क व नागौरी गेट और चामू गांव में रहने वाले ड्राइवर्स, पावटा इलाके में इस ग्रुप से ही जुड़े एक अन्य शख्स, जिसके नाम से एक प्राइवेट बैंक में लॉकर लिया गया था, उसके यहां भी छानबीन की जा रही है। आयकर विभाग सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक पड़ताल में 11 स्थानों पर छापे और 4 जगहों पर सर्वे की कार्रवाई की गई है। इनमें विभाग को करोड़ों रुपए की अघोषित आय उजागर होने की उम्मीद है।
     
     
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