डिप्टी सीएम विजय कुमार ने आमस सीओ को मौके पर किया निलंबित

बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को बोधगया कन्वेंशन हॉल में किसानों और भूमि विवाद से जुड़े मामलों को लेकर भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान शिकायतें सुनीं। इस दौरान जब आमस अंचलाधिकारी (सीओ) अरशद मदनी पर घूस लेने के गंभीर आरोप लगे, तो डिप्टी सीएम ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान एक-एक कर फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।

पहला मामला
आमस निवासी सुमंत कुमार का था। उन्होंने बताया कि मांझी परिवार द्वारा उनकी जमीन पर जबरन झोपड़ी बना ली गई है। वे लगातार प्रखंड कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और जान से मारने की धमकी भी मिल रही है। 16 नवंबर 2024 को आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर सीओ अरशद मदनी ने जवाब देते हुए कहा कि उन्हें मामला ठीक से याद नहीं है। यह पर्चा जमीन से जुड़ा मामला है और गरीब व्यक्ति को हटाया नहीं जा सकता। डिप्टी सीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि नियम के खिलाफ काम करेंगे तो बचेंगे नहीं। गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई तय है।

दूसरा मामला
शेरघाटी निवासी जितेंद्र कुमार ने उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त जमाबंदी के नाम पर आमस सीओ ने 25 हजार रुपये की घूस ली है, जो उनके गार्ड के माध्यम से दी गई। उन्होंने मोबाइल रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया। इस पर डिप्टी सीएम ने तुरंत जांच के आदेश दिए और कहा कि आरोप सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी, वहीं झूठा आरोप साबित होने पर शिकायतकर्ता पर भी कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद अन्य पीड़ितों ने भी सीओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। गंभीर आरोपों को देखते हुए डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने आमस सीओ अरशद मदनी को मौके पर ही निलंबित करने का निर्देश दे दिया।

तीसरा मामला
बाराचट्टी निवासी भुनेश्वर मिस्त्री का था, जिन्होंने बताया कि एनएच निर्माण में उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला। डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया कि जमीन अधिग्रहण की स्थिति में मुआवजा हर हाल में मिलेगा और कोई गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।

चौथा मामला
मोहड़ा निवासी मुंद्रिका प्रसाद यादव ने उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी खतियानी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है और कई स्तरों पर शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ। इस पर डिप्टी सीएम ने संबंधित सीओ को फटकार लगाते हुए कहा कि एक शिक्षक को सम्मान मिलना चाहिए। तीन साल से दौड़ा रहे हैं, शीघ्र समाधान करें।

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