ठोस कदम नहीं उठाते तो कड़ा फैसला लेंगे: सहारनपुर हिंसा के बाद केंद्र की योगी को हिदायत

लखनऊ.सहारनपुर में भड़की हिंसा के बाद योगी सरकार अपोजिशन के निशाने पर है। इस घटना के बाद बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व काफी सरकार की दलित विरोधी इमेज बनने की संभावना से परेशान है। द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी आलाकमान ने सीएम योगी को हिदायत दी है कि अगर वो पार्टी की इमेज बचाने के लिए उचित कदम नहीं उठाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ा फैसला लिया जा सकता है। योगी को निर्देश- दूसरे ज‍िलों में नहीं फैलनी चाह‍िए ह‍िंसा…
ठोस कदम नहीं उठाते तो कड़ा फैसला लेंगे: सहारनपुर हिंसा के बाद केंद्र की योगी को हिदायत
 
– रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी आलाकमान को ऐसा लग रहा है कि योगी सरकार सहारनपुर हिंसा को ठीक से हैंडल नहीं कर सकी, जिसकी वजह से दोनों कम्युनिटीज (राजपूतों और दलितों) के बीच हिंसा बढ़ती चली गई।
– बीजेपी मान रही है कि इस हिंसा की वजह योगी आदित्यनाथ का कम एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपीरिएंस है। बीजेपी से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने योगी से कह दिया है कि ये हिंसा दूसरे जिलों में नहीं फैलनी चाहिए।

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ऐसे समझें सहारनपुर की पूरी घटना
 
Q. कैसे शुरू हुआ विवाद?
A. सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में 5 मई को महाराणा प्रताप शोभायात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर ठाकुरों और दलितों के बीच झगड़ा हो गया था। इसमें ठाकुर पक्ष के एक शख्स की मौत हो गई थी।
 
Q. कैसे भड़की हिंसा?
A. इस घटना के बाद दलितों के 60 से ज्यादा मकान जला दिए गए थे और कई गाड़ियों में आग लगा दी गई। इस घटना का दलितों की भीम आर्मी ने विरोध किया।

– 9 मई को दलित इकट्ठा हुए। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो वो भड़क गए। जिले में 9 जगह हिंसा हुई। दुकानों और गाड़ियों में आग लगा दी गई। 21 मई को दलितों ने बड़ी तादाद में दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट किया।
 
Q. मायावती का क्या रोल रहा?
A. 23 मई को मायावती 5 मई को हुई हिंसा के विक्टिम्स के परिवार वालों से मिलने शब्बीरपुर गांव पहुंचीं। उन्होंने दलित विक्टिम्स को पार्टी फंड से 25 से 50 हजार रुपए तक की मदद देने का एलान किया। वहां एक सभा भी की।

– यहां से घर लौट रहे दलितों पर रास्ते में हमला कर दिया गया। इसमें एक शख्स की मौत हो गई, कई लोग घायल हो गए। इसके बाद दलितों ने अपर कास्ट के लोगों के 2 घरों में आग लगा दी।
 
Q. सीएम योगी ने क्या किया?
A. हालात काबू करने के लिए सीएम योगी ने 23 मई की रात ही स्टेट प्लेन से 4 अफसरों की एक टीम लखनऊ से सहारनपुर भेजी। गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़ और आगरा से 5 PAC के कमाडेंट भी भेजे गए।

– 24 मई की देर शाम सहारनपुर के डीएम एनपी सिंह और एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे को सस्पेंड कर दिया गया। डिविजनल कमिश्नर एमपी अग्रवाल और डीआईजी जेके शाही का भी ट्रांसफर कर दिया गया। प्रमोद कुमार पांडेय को नया डीएम बनाया गया। बबलू कुमार सहारनपुर के नए एसएसपी बनाए गए।
 
Q. पुलिस ने क्या किया?
A. इस मामले में अब तक 25 लोगों को अरेस्ट किया गया है। भीम आर्मी फाउंडर चंद्रशेखर को नामजद किया गया है। 1 मई को चंद्रशेखर के भाई कमल किशोर को पुलिस ने अरेस्ट किया।

– बता दें, बीते 24 मई को भी अज्ञात हमलावर ठाकुर कम्युनिटी के एक शख्स को गोली मारकर फरार हो गए थे।
 
क्या है भीम आर्मी?
– यह संगठन सहारनपुर के 700 गांवों में एक्टिव है। 2013 में बनी भीम आर्मी दलितों को लीड करती है। इसका चीफ एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद है। वह फिलहाल फरार है। दावा है कि हर गांव में भीम आर्मी के 8 से 10 युवा मेंबर हैं। ये सभी अपने सिर पर नीला कपड़ा बांधते हैं। वहीं, कुछ दिनों पहले मायावती आरोप लगा चुकी हैं कि भीम आर्मी बीजेपी की टीम है।
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