टिकटॉक खरीदने की रेस में शामिल हुआ ट्विटर, माइक्रोसॉफ्ट सबसे आगे

नई दिल्ली. भारत
में बैन हो चुके टिकटॉक एप को अमेरिका ने भी खतरा बताकर बैन करने की घोषणा
की है. अमेरिका ने कहा है कि अगर इसे बेच दिया जाता है तो इस पर बैन नहीं
लगाया जाएगा. अब इसे खरीदने की रेस में सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी
माइक्रोसॉफ्ट सबसे आगे है, लेकिन अब ट्विटर भी इस रेस में आ गया है.

अमेरिका के
शेयर मार्केट में चल रही चर्चा के अनुसार बाइटडांस के एप टिकटॉक को ट्विटर
खरीद सकता है. इस मामले से परिचित कुछ लोगों ने मीडिया को बताया कि ट्विटर
ने बाइटडांस के मालिक से इस मामले को लेकर मुलाकात की है. लेकिन विशेषज्ञों
को ट्विटर के टिकटॉक खरीदने की काबिलियत पर संदेह है.

शनिवार को कुछ
सूत्रों ने कहा कि ऐसा संभव होता नहीं दिख रहा कि ट्विटर माइक्रोसॉफ्ट को
इस डील में पछाड़ देगा और ये 45 दिनों में डील पूरी कर लेगा. अमेरिका के
राष्टपति डोनल्ड ट्रंप ने चीनी कंपनी बाइटडांस को टिकटॉक को बेचने के लिए
45 दिन का समय दिया है.

ट्विटर टिकटॉक
के साथ अभी अपनी शुरुआती बातचीत में है और माइक्रोसॉफ्ट फ्रंट रनर के रूप
में है, वो डील के लिए बोली भी लगा चुका है. सूत्रों के अनुसार ट्विटर के
पास लगभग 30 बिलियन डॉलर का मार्केट कैपिटलाईजेशन है, जो टिकटॉक की एसेट्स
के वैल्यूएशन के लगभग बराबर है. अगर ट्विटर टिकटॉक को खरीदता है तो उसे फंड
जुटाने की ज़रूरत होगी. हालांकि ट्विटर और टिकटॉक ने इस पर कोई भी
आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.

ट्रंप ने इस
सप्ताह कहा है कि वो माइक्रोसॉफ्ट के टिकटॉक खरीदने के प्रयास का समर्थन
करते हैं. लेकिन इस डील से अमेरिकी सरकार को एक बड़ा हिस्सा मिलना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर कोई डील नहीं होती है तो 15 सितंबर तक वो इस ऐप पर बैन
लगा देंगे.

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