जेल से निकलकर मासूम बोली ‘न मैं पाकिस्तानी, न हिन्दुस्तानी, मैं एक इंसान हूं

मैं न तो पाकिस्तानी हूं और न ही हिन्दुस्तानी, मैं एक इंसान हूं और जीने का हक रखती हूं। जेल की चारदिवारी से पहली बार बाहर की दुनिया देखने निकली मासूम भावुक हो गई।

जेल से निकलकर मासूम बोली 'न मैं पाकिस्तानी, न हिन्दुस्तानी, मैं एक इंसान हूंबात हो रही है, 11 साल की मासूम हिना की। हिना आज अमृतसर सेंट्रल जेल से रिहा हो गई और इसके साथ 11 साल में पहली बार उसके कदम बाहर की दुनिया में पड़े। हिना के साथ उसकी मां फातिमा और आंटी मुमताज भी रिहा हुई, जबकि उसकी नानी रशिदा बेगम की जेल में ही मौत हो गई थी।

जेल से निकलकर मासूम बोली 'न मैं पाकिस्तानी, न हिन्दुस्तानी, मैं एक इंसान हूंजेल से रिहा होने के बाद हिना काफी खुश नजर आई। वहीं उसकी मां फातिमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि मोदी साहब ने मामले को खासतौर पर लिया, इसके लिए उनकी शुक्रगुजार हूं और भारत देश को नमन करती हूं।

जेल से निकलकर मासूम बोली 'न मैं पाकिस्तानी, न हिन्दुस्तानी, मैं एक इंसान हूंहिना की रिहाई के लिए प्रयासरत वकील नवजोत कौर चब्बा ने बताया कि फातिम, उसकी मां रशिदा बेगम और मुमताज नाम की एक महिला को साल 2006 में अटारी रेलवे स्टेशन पर हेरोइन की तस्करी केस में पकड़ा गया था। 2015 में रशिदा बेगम की मौत हो गई थी। हिना का जन्म जेल में ही 2008 में हुआ था।

हिना की मां व मौसी की सजा पूरी हो चुकी है। वहीं हिना को पाकिस्तान भेजने के लिए जुर्माने की रकम करीब चार लाख रुपये सरबत दा भला समाजसेवी संस्था ने जमा करा दी है। उसके दस्तावेज पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास अधिकारियों को भेजे गए थे। सभी औपचारिकताएं पूरी हो गईं और आज हिना रिहा हो गई।
 
नवजोत बताती हैं कि हिना हिंदी जानती हैं उर्दू नहीं। वो भारत माता की जय कहती है, श्री गुरू नानक देव जी, शहीद भगत सिंह की जीवनी किताबों में पढ़ती है लेकिन उसे यह नहीं पता कि जिन्ना कौन थे, और यह भी नहीं जानती कि पाक का प्रधानमंत्री कौन है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानती है। हिंदी अखबार पढ़ती है। सलमान खा, शाहरूख खान व आमिर खान की फैन है। बड़ी होकर पुलिस अफसर बनना चाहती है।

 
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