जीटी रोड पर सड़क हादसे में पूर्व राष्ट्रीय बॉक्सर और उसके भाई की मौत….

बिठूर के नारामऊ चुंगी के पास जीटी रोड पर मंगलवार की भोर पहर सड़क हादसे में पूर्व राष्ट्रीय बॉक्सिंग गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी व उसके भाई की मौत हो गई। हादसे की जानकारी के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और शहर के खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। एक माह पहले पिता और फिर इन दोनों भाइयों की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जीटी रोड पर हुए हादसे

दबौली जी ब्लाक 691 गुजैनी में रहने वाले पूर्व बॉक्सिंग खिलाड़ी धनंजय सिंह के बड़े भाई अजय सिंह चौहान खुद का लोडर चलाते थे। सोमवार की रात में अजय लोडर लेकर भाई संजय के साथ माल उतारने गए थे। मंगलवार की भोर पहर लौटते समय नारामऊ चुंगी के पास जीटी रोड पर ट्रक ने लोडर में टक्कर मार दी। लोडर दो टुकड़े में बंट गया, जिसका एक हिस्सा जीटी रोड और दूसरा हिस्सा खाईं में जा गिरा। वहीं हादसे में अजय की मौत हो गई और संजय गंभीर रूप से जख्मी हो गया। सूचना मिलते ही घर से धनंजय घटनास्थल पर जा रहे थे। इस बीच आईआईटी से आगे बढ़ते ही किसी वाहन की चपेट में आने से धनंजय की भी मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घर पर जानकारी भेजी। वहीं घायल संजय को अस्पताल में भर्ती कराया है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

दोनों सगे भाइयों की मौत की जानकारी मिलते ही घर पर कोहराम मच गया। पिता की मौत के एक माह के अंदर दोनों भाइयों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भतीजे अजीत सिंह ने बताया कि संजय, अजय व धनंजय तीन भाई थे। चाचा धनंजय का पत्नी से दो वर्ष पहले तलाक हो गया था। अजय की मौत से पत्नी कंचन व 6 वर्षीय बेटे युवराज का रो रोकर बुरा हाल था। 6 जून को धनंजय के पिता संतोष सिंह की मौत हुई थी।

खेल जगत में शोक की लहर

पूर्व बॉक्सिंग चैंपियन रहे धनंजय की हादसे में मौत की खबर फैलते ही शहर के खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। कानपुर बॉक्सिंग एसोसिएशन ने उनकी आत्मा शांति के लिए प्रार्थना की। एसोसिएशन के सचिव संजीव दीक्षित ने बताया कि धनंजय सफल बॉक्सर थे। धनंजय ने तीन बार ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी और तीन बार नेशनल खेलकर मेडल हासिल किया था। पांच बार के उत्तर प्रदेश के गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके थे। बाद में वुशु खेलने लगे थे और इसमें स्टेट लेवर पर भी चयनित हुए और नेशनल खेलकर ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किया था। इसके बाद करीब तीन साल तक उन्होंने लखनऊ के एक जिम में भी काम किया और मौजूदा समय में वह एजेंट का काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि धनंजय काफी मिलनसार स्वभाव के थे और शहर के बॉक्सिंग खिलाडिय़ों के बीच लोकप्रिय थे। कानपुर के बॉक्सिंग जगत ने एक अच्छा खिलाड़ी खो दिया है।

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