जिस दिवालिया कंपनी को अनिल अंबानी ने बेचा, उसमें Zerodha वाले निखिल कामथ ने खरीदे शेयर

देश की मशहूर ब्रोकिंग फर्म जिरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ (Zerodha Nikhil Kamath) और क्वांट म्यूचुअल फंड ने ईरान और अमेरिका में चल रही जंग के बीच एक डिफेंस (Swan Defence) कंपनी के शेयरों में खरीदारी की है। निखिल कामथ और क्वांट म्यूचुअल फंड ने स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (SDHI) की प्रमोटर इकाई द्वारा हाल ही में संपन्न हुए ऑफर फॉर सेल (OFS) में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल की है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटनाक्रम से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी। खास बात है कि यह कंपनी पहले अनिल अंबानी की हुआ करती थी।
सूत्रों ने बताया कि दोनों निवेशकों ने ऑफर फॉर सेल में बेचे गए शेयरों में से लगभग आधे शेयर खरीदे। 501 करोड़ रुपये के ऑफर फॉर सेल का सौदा 19 मार्च को पूरा हुआ, जिसमें प्रमोटर कंपनी हेज़ल इंफ्रा ने पांच प्रतिशत हिस्सेदारी बेची। ओएफएस 1.2 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
क्यों लाया गया OFS?
स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से यह ओएफएस SEBI की न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग शेयरधारिता आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से था। दिसंबर 2025 तक, हेज़ल इंफ्रा के पास स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज में 94.91 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। हेज़ल इंफ्रा ने 26 लाख से अधिक शेयर 1,900 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेचे।
हालांकि, स्वान डिफेंस ने इस पर कमेंट करने से इनकार कर दिया। वहीं, क्वांट एमएफ और निखिल कामथ की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, इसलिए जागरण बिजनेस इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
अनिल अंबानी की हुआ करती थी कंपनी
स्वान डिफेंस, जिसे पहले रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग के नाम से जाना जाता था, एक जहाज निर्माण और भारी निर्माण कंपनी है। पहले यह अनिल अंबानी के रिलायंस एडीएजी (ADAG) समूह की कंपनी थी। दिवालिया प्रक्रिया (NCLT) के तहत, स्वान एनर्जी लिमिटेड ने 2023 में इस कंपनी का अधिग्रहण किया और बाद में इसका नाम बदलकर ‘स्वान डिफेंस’ कर दिया।23 मार्च को स्वान डिफेंस के शेयर 5 फीसदी की गिरावट के साथ 1954 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। 16 मार्च के बाद से कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट हावी है।





