जल प्रबंधन, आधुनिक रियल एस्टेट और सतत शहरीकरण से बन रहा नया भारत

लखनऊ। रियल एस्टेट सिर्फ जमीन और ईंट का कारोबार नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं, आर्थिक विकास और नए भारत की जीवनशैली का प्रतीक बन रहा है। पीएम मोदी व सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी वाला राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रियल एस्टेट इसका सबसे शक्तिशाली स्तंभ है। आज जल प्रबंधन, आधुनिक रियल एस्टेट और सतत शहरीकरण तीनों मिलकर नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। यह बातें अमर उजाला के रियल एस्टेट कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने रियल एस्टेट डेवलपर्स को संबोधित करते हुए कहीं।
अगले 25 सालों में रियल एस्टेट की सबसे बड़ी ताकत जल सुरक्षा होगी। क्योंकि उपभोक्ता पानी की उपलब्धता सबसे पहले पूछता है। प्रदेश सरकार नदियों को प्रदूषण मुक्त कर रही है। इसका सीधा लाभ रियल एस्टेट को मिलता है क्योंकि अच्छे भू-जल स्तर का अर्थ है अच्छी रियल एस्टेट वैल्यू। गंगा किनारे बसे कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी आदि शहर जल सुरक्षित और पर्यावरण संतुलित शहरी मॉडल बन रहे हैं। उन्होंने उद्योग जगत से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट में 100 प्रतिशत रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वेस्ट वाटर को साफ करके उसे दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाना, स्मार्ट मीटरिंग लागू करना और भूमिगत जल को रिचार्ज करने की व्यवस्था बनानी होगी।
रियल एस्टेट और जल प्रबंधन एक दूसरे के पूरक और सहयोगी हैं। कानून व्यवस्था से लेकर उद्योग नीति, एक्सप्रेस वे से लेकर एयरपोर्ट और मेट्रो से लेकर डिजिटल प्रशासन में यूपी आज राष्ट्रीय स्तर की पहचान रखता है। रियल स्टेट आज लाखों लोगों को रोजगार, करोड़ों नागरिकों को आधुनिक शहरी जीवन के साथ व्यापारियों को नए अवसर भी दे रहा है।





