जम्मू-कश्मीर: सरकारी कर्मियों के लिए नई स्वास्थ्य बीमा योजना को मिली मंजूरी, इन्हें भी मिलेगा लाभ…

जम्मू-कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के लिए ट्रस्ट मॉडल पर आधारित स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू किया जाएगा। इस माडल के तहत राज्य सरकार की ओर से एक ट्रस्ट स्थापित किया जाएगा। यह ट्रस्ट उपयुक्त बीमा का डिजाइन कर इसे लाभार्थियों यानी राज्य सरकार के कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को प्रदान करेगा। यहां राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की बैठक में ट्रस्ट आधारित स्वास्थ्य बीमा योजना को मंजूरी दी गई।

राज्यपाल ने 27 अक्तूबर को रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के साथ कर्मचारियों के ग्रुप मेडिक्लेम हेल्थ इंश्योरेंस पालिसी के  कांट्रैक्ट को रद्द कर दिया था। साथ ही इस मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को सौंप दी थी। मेडिकल क्लेम पालिसी के रद्द होने के बाद राज्य सरकार ने बीमाकर्ता और मध्यस्थ के साथ थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा योजना की संभावना को तलाशने के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक समिति का गठन किया था। समिति को इस तरह की योजना और चयन प्रक्रिया निर्धारित करने को कहा गया था। 

समिति ने विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य बीमा माडल पर चर्चा और विश्लेषण करने के बाद तीन माडलों के साथ अपनी रिपोर्ट पेश की। एसएसी ने समिति द्वारा सुझाए गए विकल्पों पर विचार किया। विभिन्न माडलों और उनकी विशेषताओं की व्यवहार्यता पर विचार करने के बाद एसएसी ने निर्णय लिया कि ‘ट्रस्ट माडल’ को लागू किया जाए। इसमें प्रीमियम की वसूली, बीमाकर्ता का पंजीकरण, मेडिकल दावों का निस्तारण ट्रस्ट की ओर से ही किया जाएगा। योजना के रीन्यू्अल तथा अन्य मुद्दों पर भी ट्रस्ट ही फैसला लेगी। एसएसी ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को इस संबंध में आवश्यक उपाय करने के निर्देए दिए हैं।

साढ़े चार लाख मुलाजिमों को मिलेगा लाभ
नई पालिसी से रियासत के साढ़े चार लाख मुलाजिमों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही एक लाख से अधिक पेंशनर भी लाभान्वित होंगे।

रिलायंस पालिसी 31 दिसंबर को हो गई थी समाप्त
राज्यपाल ने 27 अक्तूबर को रिलायंस मेडिक्लेम पालिसी का कांट्रैक्ट रद्द किया था। इसके बाद 31 दिसंबर की आधी रात से यह पालिसी खत्म कर दी गई थी। इस पालिसी के तहत कर्मचारियों से 8777 व पेंशनरों से 22229 रुपये सालाना प्रीमियम जमा करने को कहा गया था। 

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