जन्म के वक्त शरीर पर क्यों बनते हैं ये निशान? कब बन जाते हैं खतरनाक, जानिए सबकुछ

 क्या आपने कभी सोचा है कि शरीर पर जन्म से ही कोई निशान, तिल या लाल धब्बे आखिर आते कहां से हैं? किसी के चेहरे पर तिल होता है, तो किसी की गर्दन या हाथ पर लाल या भूरे रंग का निशान। कोई इन्हें किस्मत का निशान मानता है, तो कोई खूबसूरती की पहचान। दरअसल, ये निशान बर्थमार्क कहलाते हैं और लगभग हर किसी के शरीर पर कहीं न कहीं तो होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे की सच्चाई? अगर नहीं, तो आइए जानें बर्थमार्क के बारे में।

बर्थमार्क त्वचा पर दिखने वाला ऐसा निशान होता है, जो जन्म के समय से ही मौजूद होता है। यह आमतौर पर आपकी त्वचा से कुछ अलग दिखाई देता है। कई बार बर्थमार्क जन्म के कुछ समय बाद भी उभर आते हैं। बर्थमार्क कई रंग, आकार और बनावट को हो सकते हैं। कुछ निशान उम्र बढ़ने के साथ हल्के हो जाते हैं, जबकि कुछ पूरी जिंदगी बने रहते हैं।

अधिकतर बर्थमार्क नुकसानदायक नहीं होते और न ही इनमें दर्द होता है, लेकिन कुछ खास तरह के बर्थमार्क, जैसे कुछ तिल (कंजेनिटल नेवी), आगे चलकर स्किन कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।

अगर किसी बर्थमार्क के रंग, आकार, बनावट या उसमें खुजली, दर्द या खून आने जैसी समस्या दिखे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी होता है।

क्यों बनते हैं बर्थमार्क?
बर्थमार्क बनने की कोई एक पक्की वजह अभी तक सामने नहीं आई है, हालांकि, डॉक्टर्स के मुताबिक, कुछ ऐसी स्थितियां हैं जिनमें त्वचा पर बर्थमार्क बन जाते हैं:

गर्भ में बच्चे के विकास के दौरान रक्त नलिकाओं का सही तरह से न बन पाना, जिससे वैस्कुलर बर्थमार्क बनते हैं।
त्वचा को रंग देने वाली कोशिकाओं (मेलानोसाइट्स) का एक जगह जमा हो जाना, जिससे पिगमेंटेड बर्थमार्क दिखाई देते हैं।
परिवार में किसी को बर्थमार्क होना, यानी जेनेटिक कारण भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं।
कुछ खास बीमारियां या मेडिकल कंडीशन, जैसे नेवस सेबेसियस सिंड्रोम, स्किन कैंसर या न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस, भी बर्थमार्क बनने की वजह बन सकती हैं।

क्या बर्थमार्क हटाए जा सकते हैं?
अगर आपको अपनी स्किन पर मौजूद बर्थमार्क पसंद नहीं है, तो इसके बारे में डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है। बर्थमार्क को घर पर हटाने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण या दूसरी त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
डॉक्टर कुछ खास मामलों में बर्थमार्क हटाने की सलाह देते हैं, खासकर तब जब उससे स्किन कैंसर का खतरा बढ़ने की आशंका हो।

बर्थमार्क हटाने के लिए डॉक्टर ये तरीके अपना सकते हैं:
क्रायोथेरेपी
लेजर ट्रीटमेंट
सर्जरी के जरिए हटाना
कोर्टिसोन इंजेक्शन

डॉक्टर बर्थमार्क की जांच करके यह तय करते हैं कि आपके लिए कौन-सा इलाज सबसे बेहतर और सुरक्षित रहेगा। आमतौर पर बच्चों के बर्थमार्क का इलाज 6 साल की उम्र के बाद किया जाता है। हालांकि, अगर
बर्थमार्क बच्चे की आंखों की रोशनी, सांस लेने या किसी अंग के कामकाज को प्रभावित कर रहा हो, तो इलाज पहले भी किया जा सकता है।

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