छठ पूजा 2017: ये पारंपरिक गीत आज भी गाए जाते हैं घर-घर में

उग हे सूरजदेव अरघ के बेरिया…दर्शन देहू न अपार हे दीनानाथ…मरबो रे सुगवा धनुष से..कांचही बांस के बहंगिया…महिमा बा अगम अपार हे छठ मइया…छठ महापर्व के ये पारंपरिक गीत आज भी बज रहे हैं। इनकी मांग जितनी कल थी आज भी है। छठ व्रती इन्ही छठ गीतों को गाते हुए घाटों पर अर्घ्य देने जाते हैं। 

छठ पूजा 2017: ये पारंपरिक गीत आज भी गाए जाते हैं घर-घर में

शारदा सिन्हा, अनुराधा पौड़वाल, देवी के गीतों की अधिक मांग 

चर्चित लोकगायिका शारदा सिन्हा, अनुराधा पौड़वाल, भरत शर्मा, अजीत अकेला और देवी के गाए छठ गीत हॉटकेक की तरह बिक रहे हैं। देवी के छठ गीतों के कई अलबम… कोसी के दीयना, बहंगी छूट जाई तो मुश्किल से मिल रहे हैं। हालांकि नए गायकों पवन सिंह, रीतेश पांडेय, राकेश मिश्रा, कल्लू व अनू दूबे आदि के छठ गीतों के अलबम युवाओं की पसंद बन रहे हैं। नए गायकों में राकेश मिश्रा का अइहए ए छठी मइया, अंकुश राजा का चली छठी घाटे, रीतेश पांडेय का दीपक दिलदार का ..करब बात छठी मइया के और अंजली भारद्वाज का गीत छठी माई के, अजीत आनंद का सइयां चलीं छठ घाटे, और सरिता सरगम का हंगी लचकत जाए प्रमुख हैं। 

दस वर्षों से छठ गीतों के अलबम बेच रहे बॉबी की मानें तो पारंपरिक छठ गीतों को लोग अधिक पसंद कर रहे हैं। फिल्मी गीतों की पैरोडी करके निकले छठ गीतों के अलबमों को श्रोता नहीं मिल पा रहे हैं। शारदा सिन्हा का छठी मइया, अनुराधा पौड़वाल व अजीत अकेला का हे छठी मइया और छठ महिमा का अलबम खूब बिक रहा है। 

पहला छठ गीतों का अलबम विंध्यवासिनी देवी का निकला था

छठ गीतों का पहला अलबम साठ के दशक में निकला था। एचएमवी के इस रिकॉर्ड में आवाज दी थी प्रसिद्ध लोकगायिका स्व.विंध्यवासिनी देवी ने। इसके बाद कुमुद अखौरी का अलबम आया। पर अस्सी के दशक में शारदा सिन्हा के छठ गीतों का अलबम हाथों हाथ लिया गया। फिर तो उनके जितने भी छठ गीतों के अलबम आए सभी सुपरहिट रहे। फिर नब्बे के दशक में अनुराधा पौड़वाल व बिहार के चर्चित लोकगायक अजीत अकेला , बेला सुलेखा के गाए छठ गीतों की भी खूब मांग रही।

अजीत अकेला का अलबम साल 2000 के बाद नहीं आया है। वे कहते हैं कि आज फिल्मी गीतों की तर्ज पर अधिक अलबम आ रहे हैं पर लोगों की पसंद नहीं बन पा रहे हैं। उनके अनुसार सांस्कृतिक प्रदूषण का दौर है। वहीं वरिष्ठ कलाकार अंजुला कुमारी की मानें तो पारंपरिक छठ गीत का कोई जवाब नहीं है।  

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