चॉकलेट में बनाए अपना करियर मिलेगी मोटी सैलरी

पाककला उद्योग (कलिनरी इंडस्ट्री) में करियर बनाने के ढेरों विकल्प मौजूद हैं। शेफ, टी टेस्टर, वाइन टेस्टर जैसे कुछ मजेदार करियर ऑप्शन के साथ ही इसके अंतर्गत एक और स्वादिष्ट करियर शामिल है ‘चॉकलेटियर’ का। करियर काउंसलर डॉ. अनुभूति सहगल कहती हैं कि चॉकलेटियर वह विशेषज्ञ या शेफ होता है, जो चॉकलेट्स के स्वाद और टेक्सचर को बढ़ाने का काम करता है। दूसरे शब्दों में कहें तो चॉकलेटियर वह कलाकार होता है, जो चॉकलेट आधारित कई वेरायटी के स्वादिष्ट, आकर्षक और मुंह में पानी ला देने वाले प्रोडक्ट्स जैसे पेस्ट्री, कुकीज, बॉनबॉन्स, आर्टिस्टिक चॉकलेट मोल्डिंग्स तैयार करता है। चॉकलेटियर अपनी खुद की रेसिपी में प्रोसेस्ड चॉकलेट को अन्य सामग्री के साथ मिलाकर डेकोरेटिव कैंडीज, बार्स और अन्य डेजर्ट तैयार करने का भी काम करते हैं। चॉकलेट्स की अलग-अलग वेराइटीज के साथ प्रयोग करने के लिए स्किल्ड एक्सपर्ट की जरूरत होती है। ये एक्सपर्ट ही चॉकलेटियर कहलाते हैं।
शैक्षणिक योग्यता और कोर्स
इस क्षेत्र में हर वह व्यकि्त अपनी किस्मत आजमा सकता है, जो कि्रएटिव हो। बस, किसी भी विषय से इंटर पास हो। कलिनरी स्कूल से सरि्टफिकेट और डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। चॉकलेटियर का कोर्स आज भारत के कई इंस्टीट्यूट करवाने लगे हैं। चॉकलेट मेकिंग के स्पेशलाइज्ड कोर्सेज के तहत चॉकलेट प्रोसेसिंग, टेम्परिंग (मिलाने का तरीका), डिपिंग, मोल्डिंग, चॉकलेट स्कल्पटिंग, प्रोफेशनल चॉकलेट मेकिंग, चॉकलेट डेकोरेशन, चॉकलेट पैकेजिंग आदि की टेक्नीक्स सिखाई जाती हैं। इसके अलावा चॉकलेट के इतिहास, उसके तत्वों, स्वाद, टेक्सचर, खेती की टेक्नीक्स और प्रोसेसिंग के बारे में भी सिखाया जाता है। जॉब करते हुए भी आप इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। चॉकलेट क्राफ्टिंग की कला में मास्टर बनने के लिए वर्षों का अनुभव चाहिए। जो लोग खुद का बिजनेस करना चाहते हैं, वे बिजनेस प्लानिंग और मैनेजमेंट का कोर्स करके फायदा पा सकते हैं।
खास विशेषताएं
चॉकलेटियर बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके अंदर कुछ खास गुणों का होना जरूरी है। बेसिक कुकिंग स्किल, धैर्य, पैशन, घंटों काम करने की क्षमता, रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति, काम के प्रति समर्पण, चॉकलेट से संबंधित तमाम जानकारियां आपको होना चाहिए। साथ ही आपमें मार्केटिंग और पीआर स्किल्स भी हों।





