चुनाव ड्यूटी करने पहुंचे एक कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने पर उपचार के दौरान हुई मौत, परिवारीजन का हंगामा

चुनाव ड्यूटी करने पहुंचे एक कर्मचारी की तबीयत रविवार को पोलिग पार्टियों की रवानगी के समय बिगड़ गई। बेहोशी की हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद नाराज परिवारीजन ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अस्पताल के चिकित्सक ने मारपीट का भी आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली।

मोतीगंज थाना क्षेत्र के रामनगर बनकट गांव निवासी व डायट दर्जीकुआं में तैनात वरिष्ठ सहायक बृजेंद्र कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी। उन्हें कर्नलगंज में मतदान अधिकारी बनाया गया था। शहीदे आजम भगत सिंह इंका मैदान में ड्यूटी कार्ड लेने पहुंचे तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार से वह परेशान थे, जिससे उन्हें झटका आने लगा। वहां पर तैनात चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया। वहां पर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे नाराज परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि जिला अस्पताल में सही तरीके से उनके मरीज का उपचार नहीं किया गया। ईएमओ डॉ. टीपी जायसवाल का कहना है कि कोई लापरवाही नहीं की गई थी। मरीज के आते ही फिजीशियन को कॉल करके बुलाया गया था। फिजीशियन उपचार कर रहे थे तभी, मरीज की मौत हो गई। तीमारदारों ने उनके साथ मारपीट की है। किसी तरह से भागकर उन्होंने जान बचाई। एसपी के मीडिया सेल के मुताबिक प्रकरण संज्ञान में आया है, कहासुनी हुई है। चुनाव प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा है। अस्पताल में पुलिस लगाई गई है। देर शाम जिलाधिकारी ने बताया कि मृतक के परिवारजन को 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।

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