चार दिनों के प्रवास पर कानपुर आए संघ प्रमुख द्वारा दी गई जानकारी पर स्वयंसेवकों ने निर्वहन किया शुरू

गौ संवर्धन क्यों जरूरी है, गाय के गोबर का दैनिक जीवन में क्या उपयोग है। ऐसे कई तथ्यों से हम अनजान रहते हैं। अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन्हीं तथ्यों के साथ न केवल गौ संवर्धन के लिए लोगों को जागरुक करेगा बल्कि जन-जन तक अपनी पहुंच बनाएगा।

दरअसल, पं.दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग में चार दिनों पर प्रवास के लिए शामिल होने संघ प्रमुख मोहन भागवत आए थे। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि संघ प्रमुख ने गौ संवर्धन को लेकर तमाम उपयोगी जानकारियां सभी से साझा की। गौ संवर्धन करने से क्या-क्या लाभ हैं। गौ सेवा करना क्यों आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने कहा कि अगर हम गौ सेवा करेंगे तो निश्चित तौर पर हमें उसका लाभ जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि गौ संवर्धन के लिए जो प्रकल्प संचालित हैं, उनकी गतिविधियों को और बेहतर किया जाए।

संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों को दिया बड़ा लक्ष्य

प्रवास के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत बड़ा लक्ष्य स्वयंसेवकों को देकर गए हैं। देश में जिस तरह संघ परिवार पर भरोसा बढ़ा है, उसका भाजपा को राजनीतिक लाभ भले ही मिल रहा हो लेकिन, संघ राजनीतिक लक्ष्य साधने का पक्षधर नहीं है। इसलिए किसी भी जाति, धर्म और राजनीतिक विचारधारा के व्यक्ति को अपनाने में उसे संकोच नहीं है, बशर्ते उसके हृदय के राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल हो। संघ का मानना है कि सामाजिक समरसता को बढ़ाकर और ऐसे वर्गों से नजदीकी बढ़ाई जानी चाहिए।

संघ हर जाति, क्षेत्र व पूजा पद्धति तक अपनी पहुंच बनाना चाहता है ताकि व्यक्ति निर्माण के जरिए राष्ट्र निर्माण का उसका लक्ष्य पूरा हो सके। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए शाखाओं का विस्तार सबसे अहम मार्ग है। यही कारण है कि संघ प्रमुख ने शाखा विस्तार, राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता को अपने बौद्धिक सत्र के केंद्र में रखा। संघ में कोई छोटा या बड़ा नहीं है, यही संदेश आगे समाज में प्रसारित करने का लक्ष्य स्वयंसेवकों को दिया है।

देसी गाय की उपयोगिता पर करेंगे जागरूक

स्वयंसेवक जन-जन को देसी गाय की उपयोगिता को लेकर जागरूक करेंगे। आखिर इस गाय का पालन कैसे करना है, क्या करना है। वह सभी से अपने-अपने क्षेत्रों में चर्चा करेंगे और देसी गाय का पालन बढऩा चाहिए। इस बात पर प्रमुखता से जोर देंगे। यही नहीं, गौ मूत्र, गाय के गोबर से तैयार होने वाले उत्पाद के विषय में भी सभी जानकारियों से लोगों को अवगत कराएंगे।

बीमार गायों की सेवा के लिए करना होगा प्रबंध

संघ के पदाधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्वयंसेवक इस बात का भी ध्यान रखेंगे कि अगर उन्हें कहीं कोई बीमार गाय की जानकारी मिलती है तो वह उसके इलाज के लिए प्रबंध का प्रयास करेंगे। साथ ही समाज में कई लोग गायों को निकाल देते हैं। ऐसे मामलों पर भी उनके स्तर से जो कवायद हो सकती है, वह करेंगे।

14-15 को प्रांत की बैठक

संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष 13 जून की शाम को समाप्त हो जाएगा। समापन अवसर पर शहर के प्रबुद्धजन को भी आमंत्रित किया गया है। इसके बाद 14 और 15 जून को कानपुर प्रांत के पदाधिकारियों की बैठक होगी जिसमें संघ प्रमुख के मार्गदर्शन के अनुरूप आगामी कार्ययोजना पर चर्चा होगी।

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