ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल हुई तो सीधे केंद्र सरकार तक भेजी जाएगी इसकी सूचना…

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल हुई तो अब सीधे केंद्र सरकार तक इसकी सूचना भेजी जाएगी। तुरंत सुधार नहीं होने पर संबंधित पर कार्रवाई भी होगी। गांवों में बिजली व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए विद्युत वितरण कंपनी में नई व्यवस्था की गई है। इसमें गांवों में रोज कितनी बिजली वितरित की जा रही है। इसकी ताजा जानकारी व आंकड़ें अब रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (ईआरसी) पर अपलोड कर दिल्ली भेजना होंगे। इससे यह भी पता चलेगा कि गांवों में बिजली खपत का स्तर क्या है तथा निर्बाध आपूर्ति हो रही या नहीं। इसकी रिपोर्ट के आधार पर संबंधितों से सवाल-जवाब भी किए जाएंगे।
6 हजार ग्राम पंचायतों को मिलेगा लाभ : मालवा और निमाड़ में कुल 12 हजार गांव हैं। ये सभी 6 हजार ग्राम पंचायतों के अधीन जनसंख्या ग्राम कहलाते हैं। केंद्र सरकार रूरल फीडर मॉनिटरिंग सिस्टम (आरएफएमएस) के माध्यम से ग्रामीण फीडरों से प्रदाय की जाने वाली बिजली की जानकारी लेगी। बिजली कंपनी के अधिकारी इस जानकारी को नियमित रूप से रूरल ईआरसी पर अपलोड करेंगे। इससे यह पता चलेगा कि पिछले एक दिन में रतलाम के कालूखेड़ा ग्राम से कितनी बिजली दी गई, इंदौर के कोदरिया से कितनी तथा उज्जैन के पंथपिपलई फीडर से एक दिन में कितनी बिजली ग्रामीणों को आपूर्ति की गई।
आपूर्ति बाधित होने की सूचना भी : कंपनी के अधिकारी बताते हैं कि इस व्यवस्था से सर्वाधिक लाभ बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान मिलेगा। दरअसल इस व्यवस्था में आपूर्ति बाधित होने के संबंध में भी जानकारी दिल्ली भेजना होगी। इस संबंध में मप्रपक्षेविविकं इंदौर के अधीन इंदौर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, शाजापुर, आगर, बड़वानी, बुरहानपुर के अधीक्षण यंत्रियों को नियमानुसार फीडर पर मोडम का इंतजाम करने के आदेश दिए हैं।





