गोंडा: सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं के भोजन का रिकॉर्ड तलब, मांगी गई जानकारी

सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को भोजन देने की व्यवस्था में अब मनमानी नहीं चल सकेगी। बीते साल स्वयं सहायता समूहों ने अस्पतालों में यह काम किया। कई जगहों पर कमियां मिली। अब एक बार फिर इसके नवीनीकरण की कवायद शुरू हो गई है। इसे देखते हुए अब व्यवस्था की पड़ताल शुरू कर दी गई है। सीएमओ ने सभी अधीक्षकों से रिपोर्ट देने को कहा है, जिसके आधार पर आगे का काम किया जाएगा।

जिले के 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूताओं को भोजन देने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह निभा रहे हैं। यहां पर इन्हें विभागीय नियमानुसार धनराशि का भुगतान किया जाता है। बावजूद इसके कई अस्पतालों से दिक्कतें आ रहीं है। बीते दिनों खरगूपुर में भोजन न मिलने की समस्या आई थी। अब एक बार फिर स्वयं सहायता समूहों को ही भोजन का काम दिए जाने के लिए उपायुक्त स्वत: रोजगार ने पत्र लिखा है। जिस पर सीएमओ डॉ. एसके श्रीवास्तव ने अधीक्षकों को पत्र लिखा है, जिसमें उनसे कहा गया है कि भोजन व्यवस्था के बारे में पूरी रिपोर्ट दें। साथ ही यह भी बताएं कि बीते साल इनके द्वारा किए गए भोजन की व्यवस्था खराब थी या सही। साफ सफाई की स्थिति क्या थी। किस तरह की कमियां थी। इन तमाम बिदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। जिसके आधार पर पूरा प्रकरण डीएम के समक्ष रखा जाएगा।

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