गोंडा के अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत का रोक दिया गया वेतन

एक भी कांजी हाउस का संचालन शुरू न कराने पर गोंडा के अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत का वेतन रोक दिया गया है। मंडलायुक्त ने संबंधित से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही बलरामपुर के डीपीआरओ को फटकार लगाई है। इसके अलावा अन्य अफसरों को भी निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

आयुक्त देवीपाटन मंडल महेंद्र कुमार ने गुरुवार को गो आश्रय केंद्र व कांजी हाउस संचालन की समीक्षा के लिए कैंप कार्यालय पर बैठक बुलाई थी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि बलरामपुर में गो आश्रय केंद्र संचालन को लेकर एक भी ग्राम पंचायत का खाता नहीं खुल सका है। मॉनीटरिग में लापरवाही को लेकर मंडलायुक्त ने डीपीआरओ बलरामपुर को फटकार लगाते हुए सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। समीक्षा में बताया कि बहराइच में 18, बलरामपुर में 18 के सापेक्ष 15, श्रावस्ती में पांच के सापेक्ष तीन कांजी हाउस क्रियाशील किया जा चुके हैं, जबकि गोंडा में चार के सापेक्ष एक भी संचालन की स्थिति में नहीं हैं। लापरवाही बरतने के लिए एएमए सत्यपाल का वेतन रोकने के साथ ही एक सप्ताह में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं, गौ आश्रय केंद्र संचालन के लिए जिन ग्राम पंचायतों में सचिव व ग्राम प्रधान की लापरवाही से अब तक खाते ही नहीं खुल सके हैं, ऐसे सभी सचिवों को निलंबित करने के साथ ही प्रधान के खिलाफ पंचायतीराज अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

आयुक्त ने कहा कि मंडल में गौ आश्रय केंद्र निर्माण व बेसहारा पशुओं को गौ संरक्षण केन्द्रों में संरक्षित करने की प्रगति संतोषजनक नहीं है। बैठक में अपर निदेशक पशुपालन डॉ. सादिक अली, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यादवेंद्र प्रताप, डॉ. विजय कुमार मलिक, डॉ. शिव कुमार रावत, डीपीआरओ घनश्याम सागर मौजूद रहे।

इनसेट

कहां कितने केंद्र संचालित

जिला ग्रामीण शहर संरक्षित पशु

गोंडा 32 01 1621

बलरामपुर 51 05 824

बहराइच 32 02 4480

श्रावस्ती 17 03 1470

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