गर्मियों में क्यों होने लगते हैं बॉडी रैशेज और एक्ने?

तेज गर्मी, उमस, लगातार पसीना और धूल-मिट्टी के संपर्क में रहने के कारण गर्मियों में फंगल इन्फेक्शन, बॉडी रैशेज, फालिकुलाइटिस और बैक्टीरियल संक्रमण जैसी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस बारे में डॉ. रिंकी कपूर (को-फाउंडर और डायरेक्टर, द एस्थेटिक क्लिनिक्स, मुंबई) बताती हैं कि भारत जैसे देश में, जहां कई शहरों में लंबे समय तक गर्मी और नमी बनी रहती है, वहां त्वचा को लगातार पर्यावरणीय दबाव झेलना पड़ता है।
यही कारण है कि इस मौसम में त्वचा से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं, खासकर जो लोग लंबे समय तक बाहर रहते हैं, ट्रैवल ज्यादा करते हैं, जिम जाते हैं या बहुत ज्यादा पसीना आने की समस्या से परेशान रहते हैं, उनमें त्वचा संक्रमण का खतरा अधिक देखा जाता है।
क्यों बढ़ते हैं स्किन इन्फेक्शन?
इन दिनों शरीर को ठंडा रखने के लिए पसीना ज्यादा निकलता है। यह सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब यही पसीना लंबे समय तक त्वचा पर जमा रहता है, तो बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ने लगते हैं। अंडरआर्म्स, गर्दन, पैरों की उंगलियों के बीच, ग्रोइन एरिया, पीठ और छाती जैसे हिस्सों में ज्यादा पसीना और रगड़ होने के कारण इन्फेक्शन होने की आशंका अधिक रहती है।
आजकल बॉडी एक्ने, पिग्मेंटेशन, स्कैल्प इरिटेशन, अत्यधिक आयली स्किन, फंगल इन्फेक्शन और पसीने से बढ़ने वाली स्किन सेंसिटिविटी के मामले काफी अधिक देखे जाते हैं। कई लोगों को इस दौरान एक्ने मैनेजमेंट, केमिकल पील्स, मेडिकल फेशियल्स और लेजर आधारित स्किन ट्रीटमेंट्स की जरूरत भी पड़ती है।
आयल और गंदगी बढ़ाती है समस्या
गर्मी और उमस के कारण त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन भी बढ़ जाता है। जब पसीना, आयल, धूल, सनस्क्रीन और डेड स्किन सेल्स एक साथ त्वचा पर जमा होने लगते हैं, तो पोर्स ब्लाक हो जाते हैं। इससे बॉडी एक्ने, स्कैल्प इरिटेशन और बालों की जड़ों में सूजन जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
जिम जाने वाले लोगों और टीनएजर्स में यह परेशानी ज्यादा देखने को मिलती है। एक और बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वह है बार-बार चेहरा धोना या हार्श साबुन का इस्तेमाल करना। इससे त्वचा का नेचुरल बैरियर कमजोर होने लगता है और स्किन ज्यादा संवेदनशील बन जाती है। लंबे समय तक पसीने वाले कपड़े पहने रहना भी इन्फेक्शन का खतरा बढ़ा सकता है।
इन गलतियों से बचना है जरूरी
फंगल इन्फेक्शन की शुरुआत अक्सर खुजली, लालपन या छोटे रैशेज से होती है, लेकिन कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोग बिना डाक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से क्रीम लेकर इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं। खासकर स्टेरॉयड वाली क्रीम कुछ समय के लिए राहत तो देती हैं, लेकिन बाद में संक्रमण को और गंभीर बना सकती हैं।
कैसे करें बचाव?
गर्मियों में स्किन को साफ और सूखा रखना सबसे जरूरी है। ढीले और काटन के कपड़े पहनें, पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें और नियमित रूप से नहाएं।
बहुत ज्यादा भारी और आयली स्किनकेयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से बचें। हल्के और नान-कामेडोजेनिक प्रोडक्ट्स इस मौसम में ज्यादा बेहतर रहते हैं।
तौलिया शेयर न करें, जिम के कपड़े नियमित धोएं और पैरों व अंडरआर्म्स जैसे हिस्सों को सूखा रखें।
अगर खुजली, जलन, लालपन या रैशेज कई दिनों तक बने रहें, तो तुरंत डाक्टर से सलाह लें।
गर्मियों में स्किन की देखभाल सिर्फ ग्लो बनाए रखने के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि त्वचा को इन्फेक्शन से बचाने और उसे स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी उतनी ही जरूरी है।





