गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा: मेरठ से प्रयागराज तक जल्द दाैड़ेंगे वाहन

गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तय समय से पहले पूरा हो चुका है। अब इसे खोलने के लिए शासन की मंजूरी का इंतजार है। संभल जिले में 38 किमी हिस्सा भी इसके तहत आता है। एक्सप्रेसवे खुलने से दोनों शहरों की बीच चंद घंटों में आवाजाही हो सकेगी।

संभल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा हो गया है। अब शासन की मंजूरी मिलने का इंतजार है। निर्माण कार्य कर रही संस्था ने पूरी व्यवस्थाएं दुरूस्त करा दी हैं। फिनिशिंग का कार्य भी पूरा हो चुका है। अंडरपास से लेकर टोल तक पूरी तरह तैयार हैं।

यूपीडा के एक्सईएन राकेश कुमार मोगा ने बताया कि हमारा ग्रुप एक है। मेरठ से बदायूं तक काम पूरा है। आगे भी प्रयागराज तक दो ग्रुप और काम कर रहे थे। उनका भी काम पूरा हो गया है। अब शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है।

अप्रैल तक कार्य पूरा करने का अनुबंध था लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह में ही कार्य पूरा हो चुका है। यूपीडा के सीईओ भी गंगा एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण कर जा चुके हैं। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले इस 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का 38 किलोमीटर कर हिस्सा संभल जिले से होकर गुजर रहा है।

इस एक्सप्रेसवे पर दो जंक्शन बनाए गए हैं। इसमें एक जंक्शन खिरनी और दूसरा लहरावन में है। इन जंक्शन से ही वाहनों का प्रवेश और निकासी होगी। इन्हीं जंक्शन पर टोल लिया जाएगा। संभल तहसील क्षेत्र के गांव ततारपुर संदल से गंगा एक्सप्रेसवे प्रवेश कर रहा है।

चंदौसी तहसील के गांव नगलिया कठेर से बदायूं जिले में उतर रहा है। इसमें संभल तहसील के 17 गांव और चंदौसी तहसील के 14 गांव शामिल हैं।

लाइटों से जगमग होगा और सीसीटीवी की निगरानी रहेगी
जिले से होकर गुजर रहे 38 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह लाइटें लगाई गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे यात्रा के दौरान सुरक्षा रहेगी। संभल जिले में दो ही जंक्शन से प्रवेश और निकासी की व्यवस्था है। संभल से प्रयागराज की ओर बदायूं में जंक्शन बना है और मेरठ की ओर हसनपुर में जंक्शन बनाया गया है। जंक्शन की दूरी कुछ ही मिनट में तय हो जाएगी। इस तरह का एक्सप्रेस-वे तैयार हुआ है।

औद्योगिक गलियारे के नजदीक बना है जंक्शन
गंगा एक्सप्रेसवे का एक जंक्शन खिरनी में है। इस जंक्शन के नजदीक ही औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना है। औद्योगिक गलियारे भी यूपीडा के द्वारा ही विकसित किया जा रहा है। इसमें प्लॉट आवंटन प्रक्रिया भी चल रही है। जब औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो जाएंगी तो प्रयागराज और दिल्ली का रास्ता कम समय में ज्यादा तय हो सकेगा। इसका लाभ कारोबारियों को मिलेगा।

मेरठ से बदायूं तक हमारे ग्रुप एक का काम पूरा है। बदायूं से प्रयागराज तक दो अन्य ग्रुप काम कर रहे थे। उनका भी काम पूरा हो चुका है। अब शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है। अप्रैल में ही शुरू होने की उम्मीद ज्यादा है। -राकेश कुमार मोगा, अधिशासी अभियंता, यूपीडा

Back to top button