क्या F&O ट्रेडिंग पर लगाम लगाने की जरुरत?

एनएसई के एमडी और सीईओ आशीष चौहान को ही भारत में डेरिवेटिव ट्रेडिंग के जनक के तौर पर जाना जाता है। नई दिल्ली में बुक लॉन्च के मौके पर आशीष चौहान ने कहा कि FO ट्रेडिंग में निवेशकों को हो रहा नुकसान चिंताजनक है ऐसे में जरूरी है कि जो भी व्यक्ति ऑप्शन ट्रेडिंग करता है या करना चाहता है उसे इस बारे में काफी सीखना और समझना चाहिए।
शेयर मार्केट में F&O यानी फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग (F&O Trading in Share Market) को सबसे जोखिमपूर्ण माना जाता है। क्योंकि, हर 10 में से 9 ट्रेडर इसमें पैसा गंवाते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए बाजार नियामक सेबी ने कई कदम उठाए हैं और लगातार काम कर रही है। चर्चा है कि सेबी वीकली ऑप्शन एक्सपायरी (Weekly Option Expiry) को भी खत्म करने पर विचार कर रही है और इसके लिए ब्रोकर्स से राय मांगी है। इस बीच फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग से जुड़े जागरण बिजनेस के एक सवाल पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सीईओ आशीष चौहान ने अपनी राय दी है।
दरअसल, एनएसई के एमडी और सीईओ आशीष चौहान को ही भारत में डेरिवेटिव ट्रेडिंग के जनक के तौर पर जाना जाता है। नई दिल्ली में उनसे जुड़ी बुक ‘स्थितप्रज्ञ’ के विमोचन के अवसर पर उन्होंने इक्विटी मार्केट और एनएसई में सीईओ के तौर पर किए गए काम व अनुभव के बारे में बताया।
क्या F&O ट्रेडिंग पर नए सिरे से सोचने की जरुरत है?
इस बुक लॉन्च के मौके पर जब एनएसई के एमडी व सीईओ आशीष चौहान से पूछा गया कि, फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग को लेकर जो चिंताएं हाल के वर्षों में निकलकर सामने आई है, ऐसे में क्या इस तरह के ट्रेडिंग टूल पर नए सिरे से सोचने की जरुरत है।
इस सवाल के जवाब में आशीष चौहान ने कहा कि F&O ट्रेडिंग में निवेशकों को हो रहा नुकसान चिंताजनक है, ऐसे में जरूरी है कि जो भी व्यक्ति ऑप्शन ट्रेडिंग करता है या करना चाहता है उसे इस बारे में काफी सीखना और समझना चाहिए।
आशीष चौहान ने कहा कि फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग को बैन या उसे बंद नहीं किया जा सकता है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किचन में रखा चाकू घर के काम के लिहाज से बहुत अहम है, लेकिन इस चाकू का इस्तेमाल अक्सर हिंसा के लिए भी हो जाता है। लेकिन, ऐसा नहीं है कि हिंसा के चलते चाकू पर ही बैन लगा दिया जाए। उन्होंने कहा कि, हर ट्रेडिंग इस्ट्रूमेंट का अपना महत्व होता है और इसकी उपयोगिता को ध्यान में रखकर ही इन्हें बाजार में लाया जाता है। हालांकि, सही इस्तेमाल के अभाव में इनसे होने वाला नुकसान चिंताजनक जरूर है।





