कैलेंडर तैयार कर विभागों को सीधे दी जाएगी ऑडिट की जानकारी

अब कैलेंडर जारी कर विभागों को सीधे ऑडिट की जानकारी दी जाएगी। अपने कामकाज का हिसाब-किताब कैसे रखना है, इसके लिए भी शिविर लगाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा हर जिले में सोशल ऑडिट यूनिट बनाने समेत ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की सिफारिश भी की गई।

वीरवार को चंडीगढ़ में प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) पंजाब की ओर से स्थानीय शासन को मजबूत करने में लेखापरीक्षा की भूमिका विषय पर एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां बतौर मुख्यातिथि व पंचायती राज कमेटी के चेयरमैन एवं विधायक बुद्धराम बतौर सम्मानित अतिथि व पीएजी (ऑडिट) नाजली जाफरी शाइन मौजूद रहीं।

विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि कैग के ये सिपाही कलम में सच्चाई की स्याही और जवाबदेही की निब हैं। ये वो लोग हैं जो उस सपने की जड़ों को सींच रहे हैं जिन्हें महात्मा गांधी जी ने देखा था और बाबा साहेब आंबेडकर जी ने संविधान की धाराओं में उकेरा था। ऑडिट कोई सजा नहीं है। ये उस गुरु की तरह है जो अपने शिष्य की गलतियां बताकर उसे सुधारता है।

यह वो आईना है जिसमें जब हमारी पंचायतें और नगर निगम संस्थाएं अपना चेहरा देखती हैं, तो उन्हें अपनी सुंदरता का भी पता चलता है और अपनी कमियों का भी। कैग के अफसर व कर्मचारी लोकतंत्र के सर्वोच्च प्रहरी हैं। पीएजी (ऑडिट) नाजली जाफरी शाइन ने कहा कि हमें इस तरह की सूचनाएं मिल रही हैं कि विभागों को ऑडिट टीम के आने की जानकारी नहीं मिल पाती इसलिए हमने फैसला लिया है कि एक कैलेंडर जारी कर इसकी सीधी जानकारी अब सीधे विभागों को ही दी जाएगी।

Back to top button