किन्नर के पास पैदा होते ही छोड़ गए थे बेटी, पाल-पोसकर ऐसे किया डोली में विदा
अमृतसर. शहर के झब्बाल रोड पर चौधरी रिजोर्ट में होने वाली शादी दूसरे विवाह समारोह से काफी अलग थी। बता दें कि इस शादी में लोग हाथों में तोहफे और शगुन लिए लोग किन्नर डिंपल बाबा और उनकी बेटी को शादी के लिए मुबारकबाद दे रहे थे। बता दें कि इस बेटी ज्योति को डिंपल बाबा ने ही पालकर बड़ा किया था और हाल ही में उसकी शादी की।

माता-पिता दोनों का प्यार दिया…
– डिंपल बाबा का नाम अपने इलाके में जाना हुआ है।
– बचपन से बेटी की तरह पाल रहे ज्योति को बाबा ने माता-पिता दोनों का प्यार दिया और पढ़ा लिखाकर इस काबिल बनाया कि वह समाज में सिर उठाकर जी सके।
– बाबा के परिवार का हिस्सा बनी ज्योति उनके घर के लिए अपने नाम के अनुरूप साबित हुई।
– डिंपल बाबा कहते हैं कि पहले दिन से ही उन्होंने ज्योति को बेटे की तरह पाला और वह हर लाड लड़ाया जो लोग एक बेटे के साथ लड़ाते हैं।
– शगुन के तौर पर उसे शहद चटाया तो लोरी सुनाकर सुलाया भी। भूखी होने पर रात को उठकर उसे बोतल से दूध भी पिलाया।
– बाबा कहते हैं कि ज्योति चाहती थी कि वह नौकरी करके अपने पैरों पर खड़ी हो, लिहाजा उसकी शिक्षा में किसी तरह का समझौता उन्होंने नहीं किया।
– डिंपल बाबा आज ज्योति के जाने से मन उदास है लेकिन इस बात की खुशी है कि ईश्वर ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी मैंने उसे पूरा किया
शुक्रगुजार हूं कि मुझे मां-बाप दोनों का प्यार बाबा से मिला
– दुल्हन ज्योति के लिए आज का दिन जिंदगी का सबसे सुनहरा दिन है।
– विदाई के समय मां-बाप की याद आने के बारे में पूछने पर वह बोली,‘ डिंपल बाबा ने मुझे माता-पिता दोनों का प्यार दिया है। उन्होंने जिस तरह मुझे पाला, शायद मेरे जन्म देने वाले भी ना पाल सकते।
– मैं भगवान की शुक्रगुजार हूं कि मुझे बाबा जैसे माता-पिता मिले, जिन्होंने मेरी छोटी से छोटी ख्वाहिश भी पूरी की।





