कानपुर में पहली बार होगी PIT NDPS की कार्रवाई, आरोपी 2010 व 2014 में भी हो चुका है गिरफ्तार

कानपुर कमिश्नरी पुलिस बीते साल 18 क्विंटल गांजे के साथ गिरफ्तार हुए आजमगढ़ के रामसागर यादव पर एनएसए की तरह पीआईटी एनडीपीएस एक्ट लगाने की तैयारी में है। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने इसकी रिपोर्ट डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुमोदन के बाद शासन को भेज दी है। यह कमिश्नरी में पहली और प्रदेश भर में पांचवीं कार्रवाई होगी।
सबसे पहली कार्रवाई 2024 में संत कबीरनगर में हुई थी। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि कानपुर समेत आसपास के जिले में गांजे समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी का खेल चल रहा है। इससे जुड़े गिरोह ओडिशा और अन्य राज्यों से गांजा लाकर चोरी छिपे शहर में सप्लाई करते हैं। कमिश्नरी पुलिस और क्राइम ब्रांच की ओर से कई बार कार्रवाई की जा चुकी है।
40 किलो गांजे के साथ हुआ था गिरफ्तार
जाजमऊ पुलिस ने आजमगढ़ के सिंधारी थाना क्षेत्र के हेंगापुर गांव निवासी रामसागर यादव और उसके साथियों को 2024 में 18 क्विंटल गांजे के साथ गिरफ्तार किया था, जिसकी अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये थी। आजमगढ़ में 2010 में 274 किलो और 2014 में 40 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार हुआ था।
क्या है पीईटी एनडीपीएस
प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉफिक सबस्टेंसेस (पीआईटी एनडीपीएस) में आरोपी को शासन से हरी झंडी मिलने तक साल भर के लिए जेल में रहना पड़ता है। उसको बेल भी नहीं मिलती है। शासन में प्रमुख सचिव गृह इसका अनुमोदन करते हैं।





