करवा चौथ 2017 विशेष: जानिए क्यों और किस मुहूर्त में मनाया जायेगा और क्या है इसकी विशेषता

जानिए करवा चौथ की प्रचलित व्रत कथा: एक समय की बात हैसात भाइयों की एक बहन का विवाह एक राजा से हुआ। विवाहोपरांत जब पहला करवा चौथ आयातो रानी अपने मायके आ गयी। रीति-रिवाज अनुसार उसने करवा चौथ का व्रत तो रखा किन्तु अधिक समय तक व भूख-प्यास सहन नहीं कर पर रही थी और चाँद दिखने की प्रतीक्षा में बैठी रही। उसका यह हाल उन सातों भाइयों से ना देखा गयाअतः उन्होंने बहन की पीड़ा कम करने हेतु एक पीपल के पेड़ के पीछे एक दर्पण से नकली चाँद की छाया दिखा दी। बहन को लगा कि असली चाँद दिखाई दे गया और उसने अपना व्रत समाप्त कर लिया। इधर रानी ने व्रत समाप्त किया उधर उसके पति का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। यह समाचार सुनते ही वह तुरंत अपने ससुराल को रवाना हो गयी।करवा चौथ 2017 विशेष: जानिए क्यों और किस मुहूर्त में मनाया जायेगा और क्या है इसकी विशेषता

रास्ते में रानी की भेंट शिव-पार्वती से हुईं। माँ पार्वती ने उसे बताया कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है और इसका कारण वह खुद है। रानी को पहले तो कुछ भी समझ ना आया किन्तु जब उसे पूरी बात का पता चला तो उसने माँ पार्वती से अपने भाइयों की भूल के लिए क्षमा याचना की। यह देख माँ पार्वती ने रानी से कहा कि उसका पति पुनः जीवित हो सकता है यदि वह सम्पूर्ण विधि-विधान से पुनः करवा चौथ का व्रत करें। तत्पश्चात देवी माँ ने रानी को व्रत की पूरी विधि बताई। माँ की बताई विधि का पालन कर रानी ने करवा चौथ का व्रत संपन्न किया और अपने पति की पुनः प्राप्ति की।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ के दिन शाम के समय चन्द्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोला जाता है। इस दिन बिना चन्द्रमा को अर्घ्य दिए व्रत तोड़ना अशुभ माना जाता है। करवा चौथ मूर्हूत पंचांग आधारित वह सटीक समय होता है जिसकेअंदर/उसी समयावधि में ही पूजा करनी होती है। वर्ष 2017 में पूजा और चन्द्रमा निकलने का समय निम्न है.

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08 अक्टूबर, (रविवार)  2017 को करवा चौथ चंद्र दर्शन समय – 20:14 मिनट रात्रि पर 

करवा चौथ पूजा महूर्त –        17:55 से 19: 09 तक, (दिल्ली का समय)

करवा चौथ तिथि          :          08 अक्टूबर 2017, रविवार

करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त  :      17:55 से 19:09

चंद्रोदय समय             :            रात्रि  20:14 बजे

चतुर्थी तिथि प्रारंभ         :           16:58 (8 अक्तूबर 2017)

चतुर्थी तिथि समाप्त        :         14:16 (9 अक्तूबर 2017)

उज्जैन (मध्यप्रदेश ) में करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त–

करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय होगा 

करवा चौथ पूजा मुहूर्त = १८:२४ से १९:४१

अवधि = १ घण्टा १७ मिनट्स

करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय = २०:४७

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ = ८/अक्टूबर/२०१७ को ०७:२८ बजे

चतुर्थी तिथि समाप्त = ९/अक्टूबर/२०१७ को ०४:४६ बजे

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करवा चौथ का महत्त्व —

करवा चौथ की अन्य कई कहानियां भी प्रचलित हैं किन्तु इस कथा का जिक्र शास्त्रों में होने के कारण इसका आज भी महत्त्व बना हुआ है।

द्रोपदी द्वारा शुरू किए गए करवा चौथ व्रत की आज भी वही मान्यता है। द्रौपदी ने अपने सुहाग की लंबी आयु के लिए यह व्रत रखा था और निर्जल रहीं थीं। यह माना जाता है कि पांडवों की विजय में द्रौपदी के इस व्रत का भी महत्व था।

महाभारत से संबंधित पौराणिक कथा के अनुसार पांडव पुत्र अर्जुन तपस्या करने नीलगिरी पर्वत पर चले जाते हैं। दूसरी ओर बाकी पांडवों पर कई प्रकार के संकट आन पड़ते हैं। द्रौपदी भगवान श्रीकृष्ण से उपाय पूछती हैं। वह कहते हैं कि यदि वह कार्तिक कृष्ण चतुर्थी के दिन करवाचौथ का व्रत करें तो इन सभी संकटों से मुक्ति मिल सकती है। द्रौपदी विधि विधान सहित करवाचौथ का व्रत रखती है जिससे उनके समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। इस प्रकार की कथाओं से करवा चौथ का महत्त्व हम सबके सामने आ जाता है।

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