करतारपुर साहिब कॉरीडोर: केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर भाषण के दौरान हुईं भावुक
पाकिस्तान में बुधवार को करतारपुर साहिब कॉरीडोर आधारशिला रखने के मौके पर भारत की केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल अपनी स्पीच के दौरान भावुक हो गईं. कौर ने भावुकता के इस समय में गुरु नानकदेव को याद किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में मेरा कोई दोस्त, मेरा कोई रिश्तेदार नहीं है, लेकिन आज मुझे बाबा नानकदेव का बुलावा मिला है. उन्होंने कहा कि हमारे करोड़ों भाईयों-बहनों की 70 वर्षों से यहां आने की अरदास थी. मैं आज उस अरदास के साथ आई हूं कि जितने भी लोग यहां आने की अरदास रखते हैं उन्हें यहां के दर्शन मिलें.
खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा कि जब बर्लिन की दीवार गिराई जा सकती है तो भारत और पाकिस्तान के बीच फैली घृणा को भी खत्म किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब कॉरीडोर से यह संभव है. कौर ने कहा कि यह गुरु नानकदेव जिन्होंने कहा था न कोई हिंदू न कोई मुस्लिम लेकिन एक ओंकार, के नाम पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक नई शुरुआत होगी.
इससे पहले भी हरसिमरत कौर मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गई थीं. उन्होंने अमृतसर से करीब 30 किलोमीटर दूर मीडिया से बातचीत में कहा था, “मैं वहां एक ऐसे स्थान पर पहले गुरु की प्रार्थना करने जा रही हूं, जहां उन्होंने अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए थे.” भावुक दिख रहीं हरसिमरत ने कहा, “मुझे किसी के द्वारा आमंत्रित नहीं किया गया है, लेकिन मैं वहां एक सिख के रूप में जा रही हूं.”
वहीं, करतारपुर साहिब कॉरिडोर की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में मौजूद रहे पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘हिंदुस्तान जीवे, पाकिस्तान जीवे’. उन्होंने आगे कहा कि मुझे कोई डर नहीं, मेरा यार इमरान जीवे. सिद्धू ने कहा कि सभी को अपनी सोच बदलनी पड़ेगी, तभी शांति कायम होगी. उन्होंने कहा कि अब खून-खराबा बंद होना चाहिए, दोस्ती का पैगाम आगे बढ़ना चाहिए. अब तक बहुत नुकसान हो गया है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक सिद्धू ने कहा था कि वे पंजाब मेल ट्रेन से लाहौर गए थे. मुझे उम्मीद है कि यह यात्रा पेशावर और अफगानिस्तान तक पूरी होगी. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी मौजूद रहीं.
सिद्धू ने उम्मीद जताई कि करतारपुर कॉरिडोर से दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ेंगे और दूरी घटेगी. उन्होंने इमरान खान की तारीफ करते हुए कहा कि जब भी करतारपुर कॉरिडोर का इतिहास लिखा जाएगा तो इमरान खान का नाम पहले पन्ने पर लिखा जाएगा. उन्होंने कहा कि बंटवारे के दौरान दो पंजाब टूट गए थे, आज इमरान जैसी कोई चाबी आनी चाहिए कि इन्हें जोड़ना चाहिए.





