ओंकारेश्वर जाने वाले यात्रियों की फंस रही सांसें, खंडवा रोड पर घंटों जाम, गड्ढों से भरी सड़कें

मानसून सीजन में ओंकारेश्वर व अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ खंडवा रोड पर जाम का कारण बन रही है। शनिवार-रविवार को सैकड़ों वाहन एक साथ आने से ट्रैफिक ठप हो रहा है।
मानसून आते ही पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ने लगी है। इंदौर खंडवा रोड पर अधिकांश पर्यटक स्थलों के होने से यहां पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है और लगातार जाम लग रहा है। शनिवार और रविवार को तो भारी भीड़ पहुंच रही है और पुलिस प्रशासन तमाम प्रयासों के बावजूद भी ट्रैफिक जाम को कम नहीं कर पा रहा है। पिछले सप्ताह ही सिर्फ इंदौर से ओंकारेश्वर जाने में लोगों को 5 से 7 घंटे तक लग गए थे। शुक्रवार और शनिवार को रातभर पुलिस जवान सड़क पर ही खड़े रहे लेकिन वाहन घंटों रेंगते रहे। इन दो दिन में ही खंडवा रोड पर करीबन 20 घंटे तक जाम जैसे हालात रहे।
पैचवर्क की कमी से ज्यादा बढ़ रही परेशानी
यहां पर 6 लेन रोड और मुख्य मार्ग पर निर्माण कार्य हो रहा है। आसपास गीली मिट्टी और कच्चे रास्ते होने से वाहन फंसते हैं। इसे सुधारने की जिम्मेदारी एनएचएआई को तय करना थी, लेकिन यहां पैचवर्क ही नहीं हुआ। आसपास के लोगों का कहना है कि जब से 6 लेन रोड बनना शुरू हुआ है तब से मेन रोड की हालत खराब हो गई है। बारिश में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे लगातार जाम लग रहा है। पिछले शुक्रवार शनिवार यहां व्यवस्था संभालने के लिए लगाए गए 30 जवान भी कम पड़ गए। गुजरात व महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में लोग ओंकारेश्वर दर्शन करने पहुंचे।
वीकेंड और त्योहारों पर वाहनों का लोड अधिक
सिमरोल टीआई अमित कुमार का कहना है कि शनिवार रविवार और त्योहारों के दिन टैक्सी, ट्रेवलर और अन्य यात्री वाहनों का काफिला बढ़ जाता है। दोपहर तीन बजे बाद तो सड़कों पर हर दूसरी गाड़ी गुजरात पासिंग की ही नजर आती है। 100 वाहन क्षमता वाली सड़क पर एक साथ सैकड़ों वाहन आने से जाम के हालात बन जाते हैं। हम स्थिति संभालने के लिए नगर सुरक्षा समिति सदस्यों को भी बुला लेते हैं। महाराष्ट्र से भी श्रद्धालुओं के काफिले आ रहे हैं। इसके साथ लोकल ट्रैफिक तो आ ही रहा है।
हम लगातार सुधार कर रहे
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव ने कहा कि खंडवा रोड पर पैचवर्क ठीक चल रहा है। ट्रैफिक जाम और वाहन चालकों को आने वाली परेशानी पर हम लगातार नजर रख रहे हैं। मैं भी कुछ दिन पहले वहां पर गया था तब पूरा रास्ता ठीक था। फिर भी यदि कोई दिक्कत आ रही है तो मैं दिखवाता हूं।
इन कारणों से लग रहा जाम
भेरूघाट पर उतरने और चढ़ने में रांग साइड जाना होता है, नए चालक ये समझ नहीं पाते हैं। यहां पर कुछ समय पहले ही यह बदलाव हुआ है।
निर्माण कार्यों की वजह से मुख्य सड़क के आसपास गिट्टी और गीली मिट्टी होने से कई बार वाहन फंस जाते हैं।
सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालक 10 से 20 की स्पीड में रेंगते रहते हैं।
बहुत कम स्पीड से गाड़ियों का काफिला लग जाता है।
कार चालक घाट पर भी ओवरटेकिंग करते हैं। वे आने वाली गाड़ियों के सामने खड़े हो जाते हैं।
बहुत से लोग घाट पर रुककर सेल्फी लेने लगते हैं। इस कारण भी वाहनों की कतार लग जाती है।