ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का प्रतीक एस-400 परेड में दिखेगा

परेड का नेतृत्व चौथी बार लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार करेंगे। इसमें कुल 6,050 सैन्य कर्मी हिस्सा लेंगे।
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में पहली बार सैन्य मामलों के विभाग की झांकी में एस-400 वायु रक्षा प्रणाली का प्रदर्शन किया जाएगा। एयर कमोडोर मनीष सबरवाल के अनुसार, यह प्रणाली ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का प्रतीक है। चार दिनों के संघर्ष के दौरान इसने पाकिस्तान के 5-6 लड़ाकू और एक जासूसी विमान को मार गिराया था। इस वर्ष ऑपरेशन सिंदूर झांकी तीनों सेनाओं की संयुक्त सफलता पर केंद्रित होगी।
परेड का नेतृत्व चौथी बार लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार करेंगे। इसमें कुल 6,050 सैन्य कर्मी हिस्सा लेंगे। परेड में भैरव, शक्तिबाण, यूजीवी और एटीएजीएस भी शामिल होंगे। कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां दिखेंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की होंगी। वंदे मातरम और आत्मनिर्भर भारत की थीम पर आधारित ये झांकियां देश की प्रगति और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएंगी।
झांकी में दिखेगी आतंक के सफाए की कहानी
गणतंत्र दिवस परेड में सैन्य मामलों के विभाग की झांकी ऑपरेशन सिंदूर: ज्वाइंटनेस से जीत के जरिये देश की सैन्य शक्ति और आतंकवाद के खिलाफ कड़े प्रहार का प्रदर्शन किया जाएगा। यह झांकी भारतीय सेना के तीनों अंगों की एकजुटता और आधुनिक स्वदेशी तकनीक की सफलता को दर्शाएगी।
झांकी के अगले हिस्से में सुखोई-30 विमान से ब्रह्मोस मिसाइल दागकर दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने का चित्रण होगा। इसके साथ ही एम-777 तोपों के सटीक हमले और आकाश वायु रक्षा प्रणाली की तैनाती दिखाई जाएगी। इसके अलावा हारोप ड्रोन द्वारा दुश्मन के रडार को तबाह करने और राफेल की स्कैल्प मिसाइल से आतंकी ठिकानों पर प्रहार के दृश्य भी पेश किए जाएंगे।





