ऐसे लोगों को भूलकर भी नहीं पहनना चाहिए चांदी की अंगूठी, वरना…

चांदी की अंगूठी एवं चांदी से निर्मित कई आभूषणों को महिलाएं धारण कर साज-श्रृंगार करती हैं। ज्योतिष शास्त्र में चांदी के आभूषण खूबसूरती बढ़ाने के अलावा सुख-समृद्धि के कारक के रूप में भी माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार चांदी नौ ग्रहों में शुक्र और चंद्रमा ग्रह से जुड़ा हुआ धातु है। कहा जाता है कि चांदी की उत्पत्ति भगवान शिव के नेत्रों से हुई थी इसलिए जहां चांदी होती है वहां सुख, वैभव और संपन्नता में कोई कमी नहीं आती। चांदी धारण करने पर यह शरीर में जल तत्व को नियंत्रित करती है। इसके अलावा चांदी धारण करने से कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं।

आप बाजार से मन पंसद चांदी की अंगूठी खरीद कर घर ले आएं और फिर इसे गुरुवार की रात पानी में डालकर पूरी रात के लिए रख दें। फिर अगले दिन सुबह उठ शुद्ध हो जाए, इसके बाद इस अंगूठी को भगवान विष्णु के तस्वीर या मूर्ति के पास रख दें और पूरे विधि- विधान के साथ उसकी पूजा करें। पूजा के बाद भगवान विष्णु का ध्यान कर कनिष्ठा उंगली में अंगूठी को धारण कर लें।
शास्त्रों के अनुसार ऐसी तीन राशियां हैं, जिनके जातको को चांदी की अंगूठी धारण नहीं करनी चाहिए। अगर ये ऐसा करते हैं तो यह इलके लिए अशुभ साबित होता है और इन जातको के लिए दुर्भाग्य का कारण भी बनती है। इससे घर परिवार में आर्थिक समस्या आती हैं। आपको बता दें कि जिन तीन राशियों को चांदी की अंगूठी धारण नहीं करनी चाहिए वे राशियां हैं मेष, धनु और कन्या राशि। ज्योतिषशास्त्र में इन तीन राशियों के जातको के लिए चांदी की अंगूठी धारण करना बहुत ही अशुभ हैं। क्योंकि यह इनके जीवन में असफलता का कारण बन सकती है। इसे पहनने से घर -परिवार में हमेशा ही आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधित संकट बना रहता है और जातक को जीवन में असफलताओं का सामना भी करना पड़ सकता है।





