एनर्जी जुटाने के लिए नेहरा को पार्थिव पटेल ने खिलाया केला…..

तीन उपमहाद्वीप के सफर के बाद 2003 का विश्व कप पहली बार अफ्रीका पहुंचा था। दक्षिण अफ्रीका, केन्या और जिम्बाब्वे ने 2003 के विश्व कप की मेजबानी की। पहली बार विश्व कप में 14 टीमों ने हिस्सा लिया। सात-सात टीमों को दो ग्रुपों में बांटा गया। हर ग्रुप से शीर्ष तीन टीमों को सुपर सिक्स में जगह मिली और फिर चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंची।

सौरव गांगुली की अगुवाई में टीम इंडिया 20 साल बाद फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने शर्मनाक हार देते हुए दूसरे विश्व कप का सपना तोड़ा था। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। इसी कड़ी में चलिए आज बात करते हैं इंग्लैंड के खिलाफ उस लीग मैच की जहां आशीष नेहरा ने मारक मजा दिया था।

आशीष नेहरा डरबन में 26 फरवरी को डरबन में खेले गए इंग्लैंड के खिलाफ लीग मैच में 23 रन देकर छह विकेट लेकर हीरो बने थे। उनका यह प्रदर्शन किसी भी भारतीय का विश्व कप में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बन गया।
नेहरा ने केला खाकर मार्चा संभाला और कमाल कर दिया। दरअसल, उस मैच में नेहरा को उल्टियां भी हुई थीं, लेकिन उनकी गेंदबाजी यादगार साबित हुई। एनर्जी जुटाने के लिए नेहरा को पार्थिव पटेल ने केला क्या खिलाया, उसके बाद तो ताश के पत्ते की तरह इंग्लैंड की पारी ढहनी शुरू हो गई।
251 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड का स्कोर 52/2 था। 17वें ओवर में नेहरा ने दो विकेट चटकाए। स्कोर बदलकर 52/4 हो गया। नेहरा के तूफान के आगे इंग्लिश बल्लेबाज हथियार डालते चले गए। 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर उन्होंने एक और विकेट लिया और 62 के स्कोर पर आधी अंग्रेज टीम लौट गई।
27वें ओवर की पहली गेंद के बाद नेहरा ने 31वें ओवर की पहली गेंद और तीसरी गेंद पर दो और विकेट लेकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। 107 रनों के स्कोर पर इंग्लैंड के 8 विकेट गिर गए। बाकी के दो विकेट क्रमश: जवागल श्रीनाथ और जहीर खान ने निकाल दिए।
इंग्लैंड की टीम 168 रनों पर सिमट गई। भारत ने वह मैच 82 रनों से जीत लिया। नेहरा ने कप्तान नासिर हुसैन (15), एलेक स्टीवर्ट (0), माइकल वॉन (20), पॉल कोलिंगवुड (18), क्रेग व्हाइट (13) और रॉनी ईरानी (0) के विकेट लिए। नेहरा मैन ऑफ द मैच रहे।





