ऊधमसिंह नगर में लगेगा उपहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट

उत्तराखंड की पहली फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजना के लिए ऊधमसिंह नगर जनपद के तीन जलाशय चयनित कर लिए गए हैं। पहले चरण में डेढ़ सौ मेगावाट उत्पादन क्षमता के तीन प्लांट जनपद में स्थापित होंगे। केंद्र सरकार के उपक्रम सौर ऊर्जा निगम (सेकी) के प्रस्ताव पर प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके लिए केंद्र सरकार के उपक्रम सेकी, सिंचाई विभाग और ऊर्जा विभाग में त्रिपक्षीय करार होगा।
जलाशय का लीज रेंट सात पैसे प्रति यूनिट
प्रोजेक्ट बनने के बाद सात पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से लीज रेंट जलाशयों के स्वामित्व वाली संस्था को दिया जाएगा। उत्तराखंड में सभी जलाशय सिंचाई विभाग के हैं। बिल्ट ऑन ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बूट) आधार पर बनने वाले प्रोजेक्ट में 25 वर्ष तक विद्युत उत्पादन होगा, जिसके बाद संयत्र विभाग को सौंप दिया जाएगा। परियोजनाओं से उत्पादित विद्युत को यूपीसीएल/पिटकुल की विद्युत लाइनों से जोड़ा जाएगा।
इस तरह बनेगा फ्लोटिंग पावर प्लांट
इसके लिए ऐेसे जलाशय चिह्नित किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल जलविद्युत परियोजनाओं या सिंचाई योजनाओं के लिए किया जा रहा है। जलाशयों की गहराई बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पैनल सतह के ऊपर तैरते रहेंगे, जिससे पानी का वाष्पीकरण भी कम होगा। पैनल को निकटवर्ती पावर ग्रिड के साथ जोड़ा जाएगा।
प्रथम चरण में शामिल जलाशय
बौर, ऊधमसिंह नगर : 16260 हजार वर्ग मीटर
हरिपुरा, ऊधमसिंह नगर : 11580 हजार वर्ग मीटर
तुमरिया, ऊधमसिंह नगर : 27130 हजार वर्ग मीटर
इन्वेस्टर्स समिट में सौर ऊर्जा को लेकर कई प्रस्ताव आए हैं। इसी के तहत जलाशयों में फ्लोटिंग सौर पैनल स्थापित किए जाएंगे। स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। जल्द ही करार के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा।





